Shimla, 30 July-हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं और प्रशासनिक स्थितियों को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। सुजानपुर के पूर्व विधायक और कांग्रेस के बाग़ी नेता राजेंद्र राणा ने मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, संवेदनहीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का ज़िक्र शामिल है।
राणा ने कहा कि जब से राज्य में सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, प्रदेश लगातार आपदाओं, अव्यवस्था और जनाक्रोश का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2023 से अब तक आई प्राकृतिक आपदाओं ने करोड़ों की संपत्ति और कई निर्दोष जानें लीं, लेकिन सरकार ने राहत के नाम पर राजनीति करने और लाभ उठाने की कोशिश की।
मंडी में आपदा, नादौन में राहत?
राणा ने आरोप लगाया कि इस वर्ष मंडी जिला आपदा से सबसे अधिक प्रभावित रहा, परंतु मुख्यमंत्री ने न पीड़ितों से मुलाकात की और न ही उनकी मदद के लिए समय निकाला। उन्होंने कहा कि 2023 में जनता ने राहत कोष में दिल खोलकर दान दिया, लेकिन उस राहत राशि को मुख्यमंत्री ने नादौन क्षेत्र के ‘अपने लोगों’ में बांट दिया, जो पीड़ितों के साथ सीधा विश्वासघात है।
‘तानाशाही’ जैसे हालात का आरोप
राणा ने राज्य में “आपातकाल जैसी स्थिति” होने का दावा किया, जहां सरकार की आलोचना करने वालों पर FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने इसे 1977 की कांग्रेस सरकार की तानाशाही से जोड़ा।
