राहुल चावला, धर्मशाला। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर धर्मशाला में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांधी जयंती के मौके पर कचहरी अड्डा से गांधी वाटिका तक प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें शहर के नागरिकों के साथ विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी, एनएसएस स्वयंसेवी, साई के खिलाड़ी, पुलिस जवान तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने शांति, अहिंसा, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। गांधी वाटिका पहुंचने के बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर पुष्पमालाएं अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों से गांधी वाटिका का वातावरण आध्यात्मिकता, शांति और देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा।गांधी जयंती के अवसर पर सर्वधर्म सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें सेंट जोंस चर्च, जामा मस्जिद, गुरुद्वारा सिंह सभा और सनातन धर्म सभा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी प्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी के सर्वधर्म समभाव, मानवता, शांति और आपसी भाईचारे के विचारों को याद किया।अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, प्रेम और भाईचारे के संदेश की आज भी विशेष प्रासंगिकता है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और आपसी विश्वास को मजबूत करने के लिए गांधी जी के विचारों और जीवन मूल्यों को अपनाना जरूरी है।उन्होंने कहा कि गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे राष्ट्रनायकों की जयंती केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनकी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
