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सेब बागवानों की सरकार की घेराबंदी के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी, शिमला में बनाई रणनीति

admin
admin 2 Min Read
Updated 2022/11/28 at 6:39 PM
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संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल के सेब बागवान सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। इसे लेकर बागवानों ने सोमवार को शिमला में रणनीति भी तैयार की है। हिमाचल सेब उत्पादक संघ अन्य किसान संगठनों को संगठित करके सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। शिमला में हिमाचल, कश्मीर, केरल के पूर्व विधायकों व विशेषज्ञों ने सेब बागवानी की चुनोतियों पर विचार सांझा किए और भविष्य में बागवानी बचाने के लिए आंदोलन की रणनीती तैयार की।

शिमला के रोटरी टाउन हॉल में सेब उत्पादकों ने सेब बागवानी को आगे ले जाने के लिए मंत्रणा की। ठियोग से सीपीआईएम विधायक व बागवान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि जम्मू कश्मीर सबसे बड़ा सेब उत्पादक हैं। हिमाचल में बागवानी को आगे बढ़ाने के लिए जो शोध व कार्य किए जाने चाहिए थे वह नहीं हो पाए हैं। सरकार बागवानों को उनकी दशा पर छोड़ देती हैं। सरकार ने बागवानों के सामने आ रही चुनोतियों का आंकलन आज तक नहीं किया। लेखकों और वैज्ञानिको ने इस पर शोध व लेख लिखें हैं जिसके माध्यम से सेब की खेती में आ रही चुनौतीयों को समझने की कोशिश की हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसान संगठनों को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

वहीं कश्मीर से आए पुर्व विधायक रहें मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि सेब उत्पादक राज्यों के सामने आज कई बड़ी चुनौतियां है। सरकार बागवानों की मांगों को अनदेखा कर रही है। बागवान लागत से भी कम कमा पाता हैं। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही बागवानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान कर्ज के बोझ में दबे है। एक तरफ सरकारी पैसा ना होने के बात कहती है दूसरी तरफ पूंजीपतियों के लाखों करोड़ कर्ज माफ किए गए हैं। सेब उत्पादक राज्यों को आज एकजुट होकर हक़ के लिए आवाज़ उठाने की जरूरत हैं।

TAGGED: apple growers, Government, Shimla
admin November 28, 2022
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