अरविंदर सिंह, हमीरपुर: रामलीला के मंच पर अश्लील गाने बजाने और डांस करने के मामले पर हिंदू जागरण मंच आक्रोश में आ गया है। इसका विरोध जताते हुए मंच की ओर से दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी उपायुक्त को सौंपा गया है। मंच ने आरोप लगाया कि रामलीला मंच पर लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बता दें कि इन दिनों प्रदेश में जगह-जगह रामलीला का मंचन किया जा रहा है। वहीं हमीरपुर शहर के बाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में राम नाटक कला मंच है की ओर से पेश की जा रही रामलीला में अश्लील गाने बजाने ओर मंच से कलाकारों की ओर से बेहूदा डांस करने का मामला सामने आया है। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है।
रामलीला में अश्लील गानों पर मंच से बेहूदा डांस करके कलाकार मर्यादा की सीमाओं को तोड़ रहे हैं। जिन भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम पर सदियों से लोग जानते हैं आज उन्हीं की रामलीला को पेश करते हुए तेज से अश्लील गाने बजा कर इस मर्यादा को भी तोड़ा गया है। मामला सामने आने के बाद लोगों में इस धार्मिक आयोजन में अश्लील गानों पर किए जा रहे हैं डांस को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। हिंदू जागरण मंच ने इसकी शिकायत डीसी के पास करने के साथ ही पुलिस को भी इस सारे मामले की जानकारी दी है।
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक कुलदीप शर्मा ने बताया कि रामलीला के मंच पर अश्लील गाने पर ओर उस पर हंसने के मामले को लेकर डीसी को भी ज्ञापन सौंपकर मंच के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। पूरे मामले की जांच की जाए लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं मामले को लेकर राम नाटक कला मंच के आयोजक और सारी व्यवस्था को देख रहे अश्विनी शर्मा का कहना है कि एक कलाकार ने बिना पूछे ही स्टेज पर गाने लगवा कर डांस शुरू करवा दिया। इसकी उन्हें पूर्व में जानकारी नहीं थी। कमेटी की तरफ से इस मामले को लेकर लिखित में माफी मांगी गई है। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी।
हैरानी की बात है कि आयोजकों ने ऐसे कलाकार को इस काम के लिए बुलाया ही क्यों? क्यों वह लोग मूकदर्शक बनकर इस डांस को होते हुए देखते रहे और क्यों इस परंपरा को रोकने का काम नहीं किया। उनकी सहमति के बिना इस तरह के अश्लील गानों पर डांस करना कैसे संभव हो सकता है। यही सब को समझ में नहीं आ रहा है। किस की फ़रमाइश पर इस तरह के गाने रामलीला जैसे धार्मिक आयोजन के कार्यक्रम में परोसे जा रहे हैं इसका जवाब आयोजकों को देना होगा।
उन्होंने कहा कि रामलीला को शाम के समय शहर के लोग देखने आते हैं जिन ने महिलाएं और बच्चे खासतौर पर शामिल है। ऐसे अश्लील गानों पर बच्चों को कौन कैसे रामलीला दिखा सकता है और उन्हें हमारी धार्मिक परंपरा के बारे में कैसे सही जानकारी मिल सकती है यही बड़ा सवाल है।
