सोलन , 8 अप्रैल-:कंडाघाट, जो केवल एक साधारण कस्बा नहीं बल्कि ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, के भविष्य के निर्णयों में स्थानीय जनता की भागीदारी आवश्यक है।पूर्व प्रत्याशी डॉ. राजेश कश्यप ने कहा कि कंडाघाट लंबे समय तक SDM मुख्यालय रहा है और ऐतिहासिक रूप से PEPSU कोहिस्तान (Patiala and East Punjab States Union – Kohistan) के पुराने जिला मुख्यालय के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखा है।
डॉ. कश्यप ने सभी नेताओं और प्रशासन से आग्रह किया है कि नगर पंचायत के डिनोटिफिकेशन जैसे संवेदनशील फैसलों में व्यापक जनपरामर्श लिया जाए। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी बड़े निर्णय से पहले जनता की राय लेना अनिवार्य है। नेतृत्व का दायित्व है कि वह पारदर्शी और संवादपूर्ण तरीके से निर्णय ले, न कि दबाव या जल्दबाज़ी में।उन्होंने कहा कि कंडाघाट के लोगों की भावनाओं, उनकी पहचान और विकास की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही किसी भी प्रशासनिक कदम की योजना बनानी चाहिए, ताकि क्षेत्र का संतुलित और सम्मानजनक विकास सुनिश्चित हो सके।
Chandrika
