भावना शर्मा,शिमला: प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल में प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से एक ही मंत्री बनाए जाने से कांगड़ा वासी काफ़ी नाराज थे। इस बात को लेकर लगातार सवाल भी उठ रहे थे, इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से इस नाराजगी को दूर करते हुए जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से युवा विधायक विधायक रघुबीर सिंह बाली को बड़ी जिम्मेवारी दी हैं। रघुवीर बाली को पर्यटन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाया गया हैं। वहीं उन्हें कैबिनेट रैंक से भी नवाजा गया हैं।
रघुवीर सिंह बाली ने नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से सबसे अधिक मतों से जीत हासिल की हैं। वह सभी कांग्रेस उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले विधायक बने हैं। रघुबीर सिंह बाली ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी अरुण कुमार को अपने पिता की चुनावी हार का बदला लेते हुए करारी शिकस्त दी हैं। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मंत्रिमंडल विस्तार में जिला कांगड़ा की अनदेखी की बात कही जा रही थी। अब जिला कांगड़ा की नगरोटा बगवां सीट से रघुबीर सिंह बाली को क्षेत्रीय समीकरण साधने की और एक बड़ी कवायद के रूप में भी देखा जा रहा हैं।
रघुवीर सिंह वाली पूर्व परिवहन मंत्री स्वर्गीय गुरमुख सिंह बाली के बेटे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और बाली परिवार की नजदीकियां हिमाचल प्रदेश की सियासत में जगजाहिर रही हैं। युवा विधायक रघुबीर सिंह बाली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मंत्रिमंडल पद की दौड़ में भी थे, लेकिन उनका पहली बार जीतकर विधानसभा आना मंत्री पद के आड़े आया।
गांधी परिवार के नजदीकी माने जाते हैं रघुबीर सिंह बाली
रघुबीर सिंह बाली गांधी परिवार के भी बेहद नजदीकी माने जाते हैं। रघुवीर बाली ने कांग्रेस की रोजगार संघर्ष यात्रा के दौरान भी अपनी ताकत को साबित करने का काम किया था। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले रघुबीर ने धर्मशाला की आभार रैली में कहा था कि वे अपने जीवन में सिर्फ दो ही लोगों को नेता मानते हैं एक अपने स्वर्गीय पिता गुरमुख सिंह बाली और दूसरे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ।
