संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में बीते 3 दिनों तक हुई भारी बारिश से का असर मंगलवार को मौसम साफ होने के बाद भी दिखाई दिया। राजधानी में हाईवे यातायात बंद होने की वजह से मंगलवार को शिमला में दूध ब्रेड की सप्लाई भी नहीं पहुंची। आसपास के वैकल्पिक मार्ग भी बंद होने की वजह से सभी प्रकार की सप्लाई ठप हो गई। बारिश के चलते मंगलवार सुबह शिमला-चंडीगढ़ मार्ग चक्की मोड के पास भारी भूस्खलन के बाद मार्ग बाधित हो गया था। ऐसे में चंडीगढ़ व परवाणू से शिमला की ओर आने वाली गाडिय़ां शिमला नहीं पहुंच सकी।
गाड़ियों के शिमला तक न पहुंच पाने की वजह से शहर में दूध, ब्रैड व मक्खन की कमी खल गई। शिमला के कई होटलों में पर्यटकों को ब्रेकफास्ट नहीं मिला। वहीं शहर के होटलों में भी दूध की कमी देखने को मिली। होटलों में लोग चाय पीने तो पहुंचे लेकिन दूध न होने के वजह से चाय नहीं बन सकी। शिमला के उपनगरों में भी दूध न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर में हिमाचल के लोकल दूध ब्यास व कामधेनू की सप्लाई तो पहुंची लेकिन कुछ ही घंटों में वह सप्लाई खत्म हो गई। शिमला के दूध की सप्लाई करने वाले थोक विक्रेताओं ने बताया कि शिमला चंडीगढ़ मार्ग के प्रभावित होने से शिमला ही नहीं पूरे जिला शिमला में दूध की सप्लाई प्रभावित हुई हैं, लेकिन देर शाम को लिंक मार्गों तक शिमला तक दूध की गाड़ियां सप्लाई करने के लिए पहुंचाई गई, जिसके बाद देर शाम को लोगों को दूध मिल सका।
बरसात के चलते सब्जियां हुई महंगी
शिमला में सब्जियों के दामों में भी अचानक उछाल दर्ज किया गया। आलम यह रहा कि जहां शिमला में बीते दिनों टमाटर 100 से 120 रुपए बिक रहा था। वहीं बुधवार को 200 रुपए तक टमाटर के दाम पहुंच गए हैं। वहीं अधिकतर सब्यिजों के दाम 80 रुपए तक पहुंच गए।
