बीबीएन :जगत सिंह (TSN)- उप मंडल नालागढ़ के तहत राजाओं के समय से किशनपुर सरसा नदी से राजपुरा तक किसानों की सैकड़ो बीघा जमीन को सिंचाई करवाने के लिए राजकुहल का निर्माण करवाया गया था, जिससे किसान अपने खेतों को पानी लगाकर अपनी फसलें उगाया करते थ, लेकिन अब यह राजकुहल मात्र नाम की ही राज कुहल रह गई है और इस राजकुहल ने अब सीवरेज के गंदे नाले का रूप धारण कर रखा है ।
सरकार और प्रशासन से लगाई राज कुहल की सफाई करवाने की मांग
राजकुहल पर जहां लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है, वहीं क्षेत्र में ज्यादातर लोगों ने इस राज कुहल में अपने घरों का सीवरेज का गंदा पानी छोड़ रखा है और यह राज कुहल सीवरेज का गंदा नाला बनकर रह गई है जिसके चलते इसमें हर समय सीवरेज का गंदा पानी खड़ा रहता है और लोग इन बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इस बारे में स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि राजाओं के समय से सरसा नदी से लेकर राजपुरा तक राजकुहल का निर्माण किसानों को सिंचाई के लिए करवाया गया था, जिसका फायदा किसान लेते आ रहे थे, लेकिन जब से क्षेत्र में ओद्योगिकरण हुआ है तब से लेकर इस राजकहल का रूप अब गंदे नाले ने धारण कर रखा है और लोगों ने भी घरों का गंदा पानी इस राजकुहल में छोड़ रखा है। लोगों का कहना है कि वह कई सालों से लगातार राजकुहल की सफाई एवं उसकी देखरेख को लेकर सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं लेकिन न तो सरकार इसकी ओर ध्यान दे रही और ना ही संबंधित विभाग इसकी और कोई ध्यान दे रहा है । ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही राज कुहल की सफाई नहीं करवाई गई तो सभी ग्रामीण एकत्रित होकर उग्र आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
