मंडी:धर्मवीर (TSN)-मंडी जिला में फायर सीजन शुरू होने के बाद से अब तक 141 घटनाओं में लाखों रुपए की वन संपदा राख हो गई है। जंगलों में आज की सबसे ज्यादा घटनाएं 59 सकेत डिवीजन में सामने आई हैं। मंडी शहर के साथ लगते रेहड़ाधार का जंगल बीती रातभर दहकता रहा। इस आ*ग को बुझाने के लिए विभाग के कर्मचारियों को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।रातभर वन विभाग के कर्मचारी आ*ग बुझाने में डटे रहे। सुबह अग्निशमन विभाग की टीम भी आ*ग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोपहर 12 बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आ*ग पर काबू पाया गया।
1 अप्रैल से अब तक मंडी जिला में जंगलों में आ*ग की 141 घटनाएं आई सामने
पिछले 24 घंटे में वन वृत मंडी के तहत 5 मंडलों में से मंडी, नाचन,सुंदरनगर व करसोग में 6 स्थानों पर आग की घटनाएं सामने आई है।इनमें अधिकतर स्थानों पर वन विभाग की टीम ने आ*ग पर काबू पा लिया है। अतिरिक्त कार्यभार डीएफओ मंडी अंबरीश शर्मा ने लोगों अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती है तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। वहीं जो शरारती तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं उनकी जानकारी भी पुलिस तक पहुंचाएं।बता दें कि जिला में 1 अप्रैल से अब तक 141 आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिसमें वन विभाग को 29,84,193 रुपये का नुकसान व इन घटनाओं में 956.14 हेक्टेयर जमीन पर जंगल जल चुकें है। आग की इन घटनाओं में 649.6 हेक्टेयर जमीन पर लगे प्राकृतिक पौधे भी जलकर राख हो गए हैं। वहीं, 306.54 हेक्टेयर में लगाए गए नए पौधे भी आग की भेंट चढ़ गए हैं। गर्मी ने इस बार पिछले पांच दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिमाचल प्रदेश में भी कई दिनों से पड़ रही चिलचिलाती गर्मी के बीच जंगलों में लगने वाली आ*ग से हज़ारों हेक्टर भूमि का नुकसान हो गया है।
