राहुल चावला , धर्मशाला: पूर्वोत्तर राज्यों से राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2023 में इन दिनों हिमाचल में बाहरी राज्यों से प्रतिनिधि हिमाचल की संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं। शनिवार को इन प्रतिनिधियों ने धर्मशाला में प्रैस वार्ता में अपने अनुभव सांझा किए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा की को-ऑर्डिनेटर विकी यादर और विद्यार्थी परिषद प्रांत मंत्री रितिक पालसरा ने बताया कि अंतर-राज्य छात्र जीवन दर्शन का ध्येय सीमावर्ती क्षेत्रों/सुदूर क्षेत्रों और भारत के अन्य हिस्सों के बीच संवाद स्थापित करना और एक दूसरे के प्रति जागरूकता पैदा करना हैं। हमें अनुभव है कि अनुभूति ही व्यक्तियों में अपनत्व का भाव जगाता हैं एवं प्रबोधन दृढविश्वास जागृत करता हैं।
उन्होंने बताया कि 2023 वर्ष राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा 1 फरवरी से ओरिएंटेशन कैंप से शुरू होकर देश के विभिन्न प्रांतों में 16 अलग-अलग मार्गों से होकर 20 फरवरी को गुवाहाटी में अनुभव कथन के साथ संपन्न होगी। यात्रा में 480 पूर्वोत्तर के जनजाति छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। यह यात्रा कुल 22 राज्यों के 64 स्थानों पर जाएगी। 30 प्रतिनिधि 14 फरवरी तक कांगड़ा जिला में रहेंगे। शनिवार को इन लोगों ने एच.पी.सी.ए. स्टेडियम सहित अन्य जगहों का भ्रमण किया हैं। 13 फरवरी को यह 30 लोग मैक्लोडगंज में तिब्बति धर्मगुरु दलाईलामा से मिलेंगे। 14 फरवरी को सामुदायिक भवन कोतवाली में नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति और प्रदेश की संस्कृति की झलक हमें देखने को मिलेगी। नागरिक अभिनंदन समारोह के बाद ही यह प्रतिनिधि दल अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो जाएगा।
