शिमला : कमल भारद्वाज – पिछले दो दिनों में शिमला जिला में दो युवा नदी के तेज बहाव में बहकर काल का ग्रास बन गए । यदि नदी किनारे प्रश्न द्वारा चेतावनी चिन्ह लगाए गए होते या फिर लोगों को नदी में जाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा जवानों की नियुक्ति की गई होती तो शायद ये हादसे टाले जा सकते थे ।देर से ही सही लेकिन अब शिमला पुलिस ने इन हा+दसों से सबक लेते हुए जिला के अंतर्गत आने वाली नदियों के किनारे दुर्घटना संभावित स्थानों पर रेस्क्यू रेंजर्स को नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी का कहना है कि गत दो दिनों में पेश आए अलग-अलग हा+दसों में दो युवा नदी में डूबने से काल का ग्रास बन गए। उन्होंने कहा कि बरसातों में नदियों का बहाव तेज होता है और जलस्तर भी अधिक होता है । ऐसे में युवा पानी में अठखेलियां करने के लिए आकर्षित हो जाते हैं, जिसके चलते पहले भी कईं बड़े हा+दसे हो चुके है । जिनमे लोग खासकर युवा अपनी जान गंवा चुके है । इन हा+दसों को रोकने के लिए शिमला पुलिस जिला के अंतर्गत आने वाले ब्लैक स्पॉट्स पर रेस्क्यू रेंजर्स की नियुक्ति करेगी जो आम लोगों खासकर युवाओं को नदी किनारे जाने से रोकेंगे । इसके अलावा इन जगहों पर चेतावनी पट भी लगाए जाएंगे ताकि पर्यटको और आम लोगों के जीवन को बचाया जा सके ।
