संजीव महाजन,नूरपुर: हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से ओपीएस बहाली को लेकर लिए गए फ़ैसले के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी ओपीएस देने की मांग की जा रही हैं। डॉ. संजीव गुलेरीया प्रदेश अध्यक्ष न्यू पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारीअधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने कहा कि एनपीएस 15 मई 2003 में लागू होने के बाद आज दिन तक जो हजारों कर्मचारी अधिकारी एनपीएस के तहत बिना पुरानी पेंशन के रिटायर हुए हैं और जो हो रहे हैं, उन की परेशानी भी सेवारत कर्मचारी अधिकारी और एनपीएसईए महासंघ भी भली-भांति परिचित हैं।
उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास हैं कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अथक प्रयास से कर्मचारी अधिकारी वर्ग को एनपीएस के अभिशाप से जल्द मुक्ति मिलेगी। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होकर रहेगी, क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और वो रिटायर्ड कर्मचारी वर्ग की बिना पुरानी पेंशन बुढ़ापा कैसे कटेगा इन परिस्थितियों से गुजरे हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सरकार ओपीएस का लाभ जरूर देगी ऐसी उम्मीद कर्मचारियों को सरकार से हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि
25 फीसदी आनलाइन विड्राल सुविधा केंद्र सरकार के इशारे पर ही बंद की है और जमा पूंजी कर्मचारियों अधिकारियों की राज्यों को वापस न करने का फरमान भी केंद्र सरकार के इशारे पर ही हुआ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरा केंद्र सरकार ने राज्यों को वित्तीय सहायता बंद करने का जो फरमान सुनाया हैं उससे केंद्र की मोदी सरकार की साख को बट्टा लगा हैं।
डॉ. संजीव गुलेरीया ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि माल्या, चोकसी, नीरव मोदी जैसे धन्ना सेठ हजारों करोड़ों रुपए लेकर विदेश भाग जाते हैं। अडानी के कारण जनता के रातों रात लाखों करोड़ रुपए डूब जाते हैं तो देश दिवालिया नहीं होता। नोटबंदी, लॉकडाऊन,सरकारी संपत्ति बेच कर सुरसा की तरह बढ़ती मंहगाई, बेरोज़गारी से देश दिवालिया नहीं होता, लेकिन मोदी जी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने से देश दिवालिया हो जाएगा जैसी मानसिकता ही 2024 लोकसभा चुनाव में मोदी के पतन का कारण बनेगी।
