विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: जसवां परागपुर क्षेत्र के युवाओं को बेहतर रोजगार मिल इसके लिए समाजसेवी कैप्टन संजय पराशर काम कर रहे हैं। संजय जसवां-परागपुर क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। इस कड़ी में पराशर ने रविवार को जसवां-परागपुर क्षेत्र की तियामल, बठरा और निचला भलवाल में नि:शुल्क इंग्लिश लर्निंग व कंप्यूटर सेंटर्स खोले। इन केंद्रों में पहले दिन 150 से ज्यादा विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया। संजय की ओर से जसवां-परागपुर क्षेत्र में अब तक 40 इंग्लिश लर्निंग सेंटर्स खोले जा चुके हैं। कई गांव ऐसे भी हैं, जहां की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुविधा के लिए दो केंद्र खोले गए हैं। बठरा पंचायत में भी दूसरा केंद्र खोला गया है।
इन केंद्रों के लोकार्पण के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं संजय की पत्नी सोनिका पराशर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के लिए विजन की भी आवश्यकता होती है। नवीनतम तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से जानकारी व ज्ञान उपलब्ध करवाया जा सकता है। इसी सोच व क्षेत्र के गांवों में शिक्षा के महत्व को देखते हुए संजय पराशर ने यह अभियान रैल पंचायत से शुरू किया था, जोकि आज कई पंचायतों में पहुंच गया है। सोनिका ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो रोजगार भी दिलवा सके। इसी के मद्देनजर इंग्लिश व कंप्यूटर सेंटर्स खोले गए हैं ताकि विद्यार्थी व युवा इन विषयों पर अपनी मजबूत पकड़ बना सकें।
सोनिका ने कहा कि संजय पराशर के विजन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अधिकतम अवसरों का सृजन प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा नारी सशक्तीकरण, गरीबी उन्मूलन अौर पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी संजय पराशर अपने क्षेत्र में विभिन्न प्राेजेक्ट्स के तहत कार्य कर रहे हैं। सोनिका पराशर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव में क्षेत्र के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में कहीं न कहीं पिछड़ जाते हैं। ऐसे में युवा वर्ग किसी भी परीक्षा व प्रतिस्पर्धा के योग्य बनें, इसके लिए वातावरण निर्माण की सख्त आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संजय पराशर ग्रामीण क्षेत्रों में शिद्दत से कार्य कर रहे हैं।
इन केंद्रों में बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध हैं तो फ्री इंटरनेट व प्रिंटर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। सोनिका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही मंच और पर्याप्त मार्गदर्शन न मिल पाने के कारण ग्रामीण परिवेश के युवा खुद को साबित नहीं कर पाते हैं। इसलिए संजय पराशर ने प्रयास किया है कि युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिए दक्ष बनाया जाए और रोजगार के साधन भी ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध करवाए जाएं। वहीं, जलेरा, न्याड़ और कस्बा जागीर गांवों में स्थानीय वासियों से संवाद कार्यक्रम में कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि वह शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य को लेकर काम कर रहे हैं। रोजगार सृजन को लेकर उन्होंने जो प्रयास शुरू किए थे, उनके परिणाम आने शुरू हो चुके हैं। अब तक 1299 युवाओं को उनकी कंपनी के माध्यम से रोजगार प्राप्त हो चुका है और नए वर्ष में लक्ष्य रहेगा कि पांच हजार युवाओं को नौकरियां उपलब्ध करवाई जाएं। कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
