चिंतपूर्णी (विकास शर्मा): जसवां-परागपुर क्षेत्र में विकास के लिए समाजसेवी संजय पराशर लगातार काम कर रहे है। अब उन्होंने अपने लिए वहां के स्थानीय लोगों से भी सहयोग मांगा है जिससे कि वह क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ा सकें। रविवार को क्षेत्र की अप्पर भलवाल पंचायत में 40वें महायज्ञ के आयोजन अवसर पर पराशर ने कहा कि उन्होंने जसवां-परागपुर क्षेत्र की जनता के हितों की रक्षा करने के लिए हर रोज काम करने की आदत डाल ली है। अब वह चाहते है कि स्थानीय वासी भी कंधे से कंधा मिलकार क्षेत्र का भाग्य बदलने में सहयोग व समर्थन दें।
पराशर ने कहा कि वह क्षेत्र की जनता के सुख-दुख के साथी है और यह रिश्ता ताउम्र रहेगा। उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से जनसेवा का कार्य रहे है और इसमें सबसे ज्यादा आभार परमात्मा का व्यक्त करते है क्योंकि भगवान की कृपा के बगैर कोई भी कार्य संपन्न नहीं हो सकता है। संजय ने कहा कि वह सीखने में विश्वास रखते है। कोरोनाकाल में उन्होंने क्षेत्र के बच्चों से सीखा कि कैसे ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के स्तर को कैसे ऊंचा किया जा सकता है। कोरोना के संकट में स्कूल बंद पड़े थे और कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या थी। कई अभिभावक बच्चों के लिए मोबाइल का इंतजाम तक नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस विपदा के समय में उन्होंने सोचा कि क्यों न बच्चों के लिए फ्री कंप्यूटर व इंग्लिश लर्निंग सेंटर खोला जाए। इसके लिए पहला प्रयोग रैल पंचायत के मेहड़ा गांव में किया गया और पहले खुले केंद्र में बच्चों की मेहनत और लग्न ने यह तय कर दिया कि अग ऐसे सेंटर्स अन्य पंचायतों में भी खुलने चाहिए। पराशर ने कहा कि अब ऐसे केंद्रों की संख्या 40 हो गई है और विद्यार्थी आधुनिक तरीके से शिक्षा हासिल करने के साथ संस्कार भी ग्रहण कर रहे हैं।
संजय पराशर ने कहा कि अफसोस इस बात का है कि तंत्र को जिस तरह से पिछले समय में जसवां-परागपुर क्षेत्र में विजन के तहत कार्य करना चाहिए था, उसे लेकर आम जनता को सिर्फ निराशा व हताशा ही हाथ लगी। जसवां-परागपुर क्षेत्र के मुख्य बाजाराें में अभी तक शौचालयों की व्यवस्था नहीं हो पाई है तो समझा जा सकता है कि विकास के दावों में कितनी सच्चाई है। पराशर का कहना था कि जसवां-परागपुर क्षेत्र ने विकास के कई आयाम तय करने है और भविष्य में क्षेत्र को मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाया जाएगा। महायज्ञ में क्षेत्र के डेढ़ सौ से ज्यादा परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
जीवन में खेलों का है बड़ा महत्व
नारी में दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में संजय पराशर ने कहा कि जीवन में खेलों का बहुत बड़ा महत्व है यह हम सभी भलीभांति जानते है। खेलों से शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। उन्होंने कहा कि खेलों से हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते है।
