विकास शर्मा,चिंतपूर्णी-जसवां-परागपुर क्षेत्र के युवाओं को शैक्षणिक ओर व्यवसायिक कोर्स करने के लिए मदद मिल सके इसके लिए समाजसेवी संजय पराशर उनके लिए स्कॉलरशिप की योजना ले कर आए है। युवाओं को रोजगार दिलवाने के साथ ही संजय पराशर अब युवाओं की उच्च शिक्षा हासिल करने में भी स्कॉलरशिप के माध्यम से मदद कर रहे। उनके इस स्कॉलरशिप कार्यक्रम में युवा भी काफी रुचि दिखा रहे है और स्कॉलरशिप कार्यक्रम के पहले ही दिन 380 ने पंजीकरण करवाया है।
संसारपुर टैरस और कस्बा कोटला में युवाओं का हजूम स्कॉलरशिप कार्यक्रम में उमड़ा, हालांकि पराशर ने जसवां-परागपुर क्षेत्र के 40 विद्यार्थियों को व्यवसायिक व शैक्षणिक कोर्स करने के लिए स्कॉलरशिप देेने की बात कही थी लेकिन युवाओं के उत्साह को देखते हुए उन्होंने यह घोषणा की है कि जिन बच्चाें ने भी इस कार्यक्रम के अंर्तगत पंजीकरण करवाया है, उन्हें भी विशेष छात्रवृति प्रदान की जाएगी।
संजय पराशर की ओर से युवाओं को जो छात्रवृत्ति दी जा रही है उसका आधार विभिन्न कक्षाओं में शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय में प्राप्त अंकों की मेरिट रखा गया है। बुधवार को संसारपुर टैरस और कस्बा कोटला में आयोजित छात्रवृत्ति कार्यक्रम मेें उत्तर भारत के सात प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की टीमें पहुंची हुई थी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग की गई तो मोटिवेशनल स्पीकर डा. गौरव ने युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए टिप्स दिए। वहीं, अब अपनी रूचि के अनुसार चयनित विद्यार्थी किसी भी शिक्षण संस्थान में अपने पसंदीदा विषयों के कोर्स कर पाएंगे। पांच अगस्त से इस कार्यक्रम के तहत चुने गए विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को इन शिक्षण संस्थान के कैंपस का भ्रमण का अवसर पर भी संजय पराशर की ओर सेे प्रदान किया जाएगा। वीरवार को इसी कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थी इंग्लिश लर्निंग व कंप्यूटर सेंटर, पीरसलूही व सरस्वती विद्या मंदिर, परागपुर में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। दस अगस्त तक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इस कार्यक्रम में पहुंचे कैप्टन संजय ने कहा कि जसवां-परागपुर के कई विद्यार्थियों ने शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय की परीक्षा में सफलता के झंडे गाढ़े हैं, लेकिन कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जो हानेहार हाने के बावजूद आगे की अपने पसंदीदा विषय की पढ़ाई करने में असमर्थ होते हैं। इन बच्चों के अभिभावकों की आर्थिक स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य को भी कहीं न कहीं न प्रभावित करती है। ऐसे में उन्होंने इन होनहार विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का खर्च उठाने का फैसला लिया है। कहा कि नामी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी बीटेक, बीए.एलएलबी, बीसीए, बीबीए, बी-फार्मेसी, जीएनएम और बीएससी नर्सिंग विषयों में कोर्स कर सकते हैं तो या स्नातक के बाद विद्यार्थी एलएलबी, एमबीए, एमसीए या एमएससी कर सकते हैं। पराशर ने कहा कि इन बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने संसाधनों से योगदान करेंगे।
संजय ने कहा कि आर्थिक कारणों से विद्यार्थी पढ़ाई में पिछड़ न जाएं, इसके लिए उन्होंने यह सार्थक प्रयास किया है। उम्मीद है कि होनहार बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करके खुद को हर क्षेत्र में अव्वल साबित करेंगे। वहींं, इस कार्यक्रम में पहुंचे लोअर बलवाल के अरूण ने कहा कि वह जमा दो के बाद बीएएलएलबी करना चाहता है और पराशर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत अपना पंजीकरण करवा दिया है। बुहाला, घमरूर से अनु ने एमबीए करने की बात कही तो इसी गांव के नम्रित ने कहा कि वह स्कॉलरशिप कार्यक्रम के तहत बी-टेक करना चाहते हैं। इसी तरह रोड़ी-कोड़ी से रिशु, उझे खास से विशाखा, बठरा से विवेक कुमार, रैल से निशा, संसारपुर टैरस से अक्षिता और बस्सी से सलोनी ने बताया कि इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी उन्होंने करियर गाइडेंस और मोटिवेशनल स्पीक ने प्रेरित किया। इन विद्यार्थियों ने कहा कि युवाओं व विद्यार्थियों के लिए कैप्टन संजय पराशर बड़ी भूमिका निभा रहे है।
