मंडी,धर्मवीर(TSN)-भारत को विविधतांओं का देश कहा जाता है,देश के कोने-कोने में यहां अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं।पहाड़ी प्रदेश हिमाचल की बात की जाए तो यहां वर्षा ऋतु की समाप्ति और सर्दियों का आगमन पर एक त्योहार मनाया जाता है।जिसे सायर के नाम से जाना जाता है।भादो महीने की समाप्ति और आश्विन महीने की शुरूआत पर मनाए जाने वाले सायर के इस पर्व छोटी काशी मंडी में बडे ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।इस पर्व पर नई फसलों की सायर के रूप में विधिवत पूजा की जाती है जिनमें मुख्य रूप से धान,मक्का,अखरोट,गलगल और ऋतु फल शामिल होते हैं।
रक्षाबंधन वाले दिन बांधी राखियों को उतारकर सायर किया सायर के हवाले
मंडी शहर निवासी बलवीर गुलेरिया और प्रेमलता गुलेरिया ने बताया कि उनका परिवार सायर पर्व को पीढ़ी दर पीढ़ी मनाता आ रहा है।सायर पर्व वाले दिन सुबह जल्दी उठकर और स्नान आदि करने के बाद तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं।इसके बाद सायर की पूजा की जाती है।इस पर्व की एक और खास बात यह होती है कि रक्षा बंधन वाले दिन कलाई पर बांधी गई राखी को भी आज उतारकर सायर को अर्पित कर दिया जाता है।पूजा के दौरान बरसात से बचाने के लिए ईश्वर का धन्यावाद किया जाता है और मंगल जीवन की कामना की जाती है।इसके साथ ही एक-दूसरे को अखरोट ओर ध्रूवा देकर इस पर्व की बधाई देने की परपंरा भी बड़ी प्रसिद्ध है।
वहीं,बाजारों में भी सायर पर्व को लेकर खासी रौनक देखने को मिली। क्योंकि शहरी क्षेत्रों में फसल बिजाई का कोई प्रावधान नहीं होता जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शहर वासियों के लिए सायर की बिक्री के लिए बाजार में आते हैं। शहरी लोग बाजार से सायर खरीद कर लाने के बाद घर पर उसकी पूजा करते हैं।हालांकि इस दौरान अखरोट से खेल खेलने की परंपरा भी रही है लेकिन अब यह काफी हद तक समाप्त हो चुकी है।फिर भी बच्चों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है।
सायर पर्व पर बड़े स्तर पर होता है अखरोटों का कारोबार
बता दें कि मंडी शहर में सायर के पर्व पर अखरोटों का कारोबार भी बड़े स्तर पर होता है।इस पर्व पर अखरोटों की फसल तैयार होकर बाजारों में आती है,जिनकी स्थानीय लोगों द्वारा खरीददारी करते हैं।लोग अखरोटों को खरीदकर अपने घरों में सहेज लेते हैं और सर्दियों के मौसम में इनका इस्तेमाल करते हैं।इस बार बाजार में अखरोट 400 से 800 रूपये प्रति सैंकड़ा बिक रहा है।
