सिरमौर : देवेंद्र कुमार – सिरमौर जिला के ऐतिहासिक टिटियाना गाँव में आयोजित शांत महापर्व का समापन हो गया। 6 दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में करीब 45 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। अंतिम दिन शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप भी इस महापर्व का हिस्सा बने।
सांसद कश्यप व पूर्व मंत्री भी कार्यक्रम में पहुँचे
आयोजक टिटियाना गाँव द्वारा आयोजित इस शांत महापर्व में करीब 300 गाँव के लोगो ने हिस्सा लिया, जिसमे हिमाचल के साथ साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के गाँव भी शामिल रहे। टिटियाना गाँव हिमाचल में ब्राह्मणों का सबसे बड़ा गांव है इस गाँव मे करीब 200 से अधिक ब्राह्मणों के घर है। कार्यक्रम के अंतिम दिन शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप व पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ऐतिहासिक टिटियाना गांव पहुंचे। इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और यहां के लोगों की देवी-देवताओं से गहरी आस्था जुड़ी हुई है उन्होंने कहा कि इलाका वासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जब धार्मिक अनुष्ठान में सभी को हिस्सा लेने का मौका मिल रहा है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए गांव वासियों को बधाई दी साथ ही कहा कि संस्कृति को जिंदा रखने में ऐसे आयोजनों का अहम योगदान देता है ।
कट्टर शत्रु समझे जाते है शाठी और पाशी
धार्मिक अनुष्ठान को पाबूच पंडितों ने विधि विधान के साथ सम्पन्न करवाया। पाबूची पंडित देवीराम शर्मा ने बताया कि पौराणिक काल से चली रही परम्परा अनुसार इस अनुष्ठान को सम्पन्न करवाया गया है उन्होंने कहा कि गाँव के चारों तरफ सुरक्षा सूत्र बाँधा गया है जो आने वाले समय मे इस गाँव की रक्षा करेगा और यहॉँ सुख शांति बनाए रखेंगा। स्थानीय तोता राम शर्मा ने बताया कि कई सालों बाद इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है जिसमें 250 गांव के लोगों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सुख-शांति की कामना की गई और दैवीय शक्तियों का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान के दौरान शाठी व पाशी समुदाय का मिलन भी करवाया गया जो सदियों से अपने को एक दूसरे का दुश्मन मानते है उन्होंने ने कहा कि दशकों पहले इसी गांव के देव प्रांगण में बड़े बड़े फैसले लिए जाते थे और न्यायालयों में जाने की बजाय लोग इसी गांव के मंदिर प्रांगण में फैसले करवाने पहुंचते थे। उन्होंने कहा कि शांत महापर्व को सफल बनाने में गांव के सभी लोगों का योगदान रहा है।
