शिमला (एकता): देश भर में नवरात्रि का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा हैं। आज से शारदीय नवरात्रि शुरू हो गए हैं। अगले 9 दिनों तक देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की विशेष पूजा-आराधना की जाएगी। आज से घरों में मां दुर्गा विराज रही है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं।

मान्यता है कि प्रथम दिन शैलपुत्री की आराधना इसीलिए की जाती है ताकि जीवन में उनके नाम शैल (पहाड़) की तरह स्थिरता बनी रहे। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से वो अपने भक्तों पर प्रसन्न होती हैं। इसके साथ ही उनकी सारी मनोकामनाएं भी पूरी करती हैं। अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि शुरू होकर 5 अक्तूबर को दशहरा पर समाप्त होगी। शारदीय नवरात्रि का खास महत्व होता है।
मां दु्र्गा की पूजा के दौरान करें इन नियमों का पालन
– नवरात्रि पर घर पर नौ दिनों तक मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति जरूर रखें।
– नवरात्रि पर पूरे दिन व्रत रखना चाहिए। अगर आप किसी कारण से पूरे 9 दिनों तक व्रत नहीं रख सकते तो पहले, चौथे और आठवें दिन व्रत जरूर रखें।
– मां दु्र्गा को 9 दिनों तक अलग-अलग दिन के हिसाब से भोग जरूर लगाएं।
– दु्र्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें।
108 बार करें मंत्र का जाप: इसके बाद माता को प्रसाद अर्पित करें और मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें. मंत्र – ॐ शं
इस तरह करें मां शैलपुत्री की आराधना: चैत्र नवरात्र के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत होकर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद चौकी को गंगाजल से साफ करके मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो को स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापना करें और मां शैलपुत्री का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।

नवरात्रि पर ये आहार करें शामिल
इन 9 दिन अगर बाहर जाना हो और व्रत भी हो तो जंक फूड, मैदे वाली चीज़ें खाना अवॉयड करें। सैलेड और फ्रूट्स का सेवन करें। अगर आप इन सभी चीज़ों का सेवन करेंगे, तो इससे आपका फैट बढ़ेगा। वहीं अगर आप इन चीज़ों पर कंट्रोल कर लेंगे तो नवरात्र और आने वाले त्योहारों को हेल्दी तरीके से एंजॉय कर पाएंगे। व्रत के दिनों में आप प्रोटीन से भरपूर इन खाने की चीज़ों का सेवन कर सकते हैं। इससे न केवल आपके शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलेगा, बल्कि उपवास के दिनों में भी आप पूरी तरह हेल्दी और फिट बने रहेंगे।

देवी के पहले स्वरूप का पूजन
नवरात्रि में सुबह और शाम दोनों वेला पूजा, आराधना और आरती करनी चाहिए। पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की प्रतिमा या तस्वीर को लकड़ी के पटरे पर लाल या सफेद वस्त्र बिछाकर स्थापित करें। मां शैलपुत्री को सफेद वस्तु बहुत प्रिय है, इसलिए मां शैलपुत्री को सफेद वस्त्र या सफेद फूल अर्पित करें। सफेद बर्फी का भोग लगाएं और एक साबुत पान के पत्ते पर 27 फूलदार लौंग रखें।

