भावना शर्मा, शिमला: आज के समय में जहां पैसों को लेकर अपनों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। थोड़े से पैसों के लिए भी लोगों का ईमान डगमगा जाता है तो वहीं इससे अलग शिमला के एक टैक्सी चालक ने इमानदारी की एक अलग ही मिसाल पेश की हैन शिमला आईजीएमसी में एक टैक्सी चालक ने लाखों रुपए से भरा हुआ बैग उसके मालिक को वापस लौटा कर ईमानदारी और इंसानियत दोनों की एक अलग ही मिसाल पेश कर दी है।
मामला संजौली का है जहां सुबह एक व्यक्ति संजौली से टैक्सी में बैठा ओर आईजीएमसी में उतर गया, लेकिन पैसों से भरा पैकेट टैक्सी में ही भूल गया। टैक्सी चालक संजय ने अन्य सवारियों को जब इस पैकेट के बारे में पूछा लेकिन सब ने इस पैकेट को अपना कहने से इंकार कर दिया। इसके बाद टैक्सी चालक ने पैसों से भरा पैकेट आईजीएमसी पुलिस चौकी में दे दिया। वहीं कुछ देर बाद व्यक्ति आईजीएमसी पहुंचा तो टैक्सी चालक ने उन्हें पहचान लिया और उसे पुलिस चौकी में पैसे देने की बात कही। पुलिस चौकी आ कर पुलिस ने पैकेट के मालिक की उनके पैसे वापिस कर दिए।
टैक्सी चालक संजय ने कहा कि सुबह उनकी टैक्सी में एक व्यक्ति बैठे थे जो पैसे से भरा पैकेट उनकी गाड़ी में ही भूल गए। जब टैक्सी में बैठने लोगों से इस पैकेट के बारे में पूछा गया तो सभी लोगों ने मना किया यह पैकेट उनका नहीं है। इसके बाद उन्होंने इस पैकेट को आईजीएमसी पुलिस चौकी में तैनात पुलिस अधिकारियों को सौंपा और जिस व्यक्ति का यह पैकेट उनकी गाड़ी में भूल गया था पुलिस की ओर से यह उन्हें पैसों सहित वापस लौटा दिया गया है।
पैसों के मालिक विनोद का कहना है कि आज भी ईमानदारी जिंदा है। उनका पैसे से भरा पैकेट टैक्सी में रह गया था लेकिन टैक्सी चालक ने उन्हें दो लाख दस हजार का पैकेट वापिस लौटा दिया है। वहीं मामले में पुलिस कर्मी का कहना है कि टैक्सी चालक ने पैसे से भरा पैकेट दिया था। उनकी टैक्सी में किसी व्यक्ति का यह पैकेट रह गया था पैकेट खोला तो उसमें दो लाख दस हजार रुपए थे जिसके बाद एक व्यक्ति आया और पैकेट गुम होने की बात कही जिसके बाद यह पैसे उस व्यक्ति को लौटा दिए गए है।
