अरविंदर सिंह,हमीरपुर : फूल जहां घरों में सजावट के काम आते हैं तो शादी ब्याह के साथ ही किसी के सम्मान और अंतिम क्षण या फिर किसी भी खास मौके की सजावट के भी काम आते हैं। यह अपनी खुश्बू से जहां लोगों के जीवन को महकाते हैं तो वहीं यही फूल आमदनी का भी बेहतरीन साधन बन जाते हैं। इन्ही फूलों की बदौलत आज हमीरपुर जिला के शिव कुमार बेहतरीन आमदनी कमा रहे हैं।
फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करके किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रदेश सरकार की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं के सराहनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। उद्यान विभाग की पॉलीहाउस अनुदान योजना के कारण ही आज हमीरपुर जिले के एक छोटे से गांव उखली के किसान शिव कुमार लाखों के फूल दिल्ली तक पहुंचा रहे हैं। उद्यान विभाग की इस योजना से मानों शिव कुमार की तकदीर ही खिल उठी है
उखली के किसान शिव कुमार अपने गांव में ही सब्जी बेचकर जैसे-तैसे परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। सुबह से लेकर शाम तक सब्जी की बिक्री से होने वाली आय और कृषि योग्य थोड़ी सी जमीन से पत्नी वंदना, बूढ़ी माता और बेटियों वाले परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पा रहा था। शिव कुमार को उद्यान विभाग की पॉलीहाउस अनुदान योजना का लाभ उठाते हुए लगभग 3000 वर्गमीटर का पॉलीहाउस लगाया। उद्यान विभाग की तरफ योजना के तहत 85 प्रतिशत अनुदान शिवकुमार को दिया गया ।
शिवकुमार ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में सात दिन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पॉलीहाउस में कारनेशन फूल की खेती आरंभ की, जिसकी दिल्ली जैसे बड़े शहरों में काफी मांग रहती हैं। शिव कुमार का यह प्रयोग पूरी तरह कामयाब रहा और उन्हें एक पॉलीहाउस से ही अच्छी आमदनी होने लगी। आजकल वह पांच से सात लाख रुपये तक के कारनेशन फूल बेच रहे हैं। इससे न केवल शिव कुमार के परिवार की आजीविका चल रही है, बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा हैं।
प्रदेश सरकार की इस योजना की प्रशंसा करते हुए शिव कुमार ने बताया कि 85 प्रतिशत अनुदान वाली इस योजना के माध्यम से किसानों-बागवानों को इतनी मदद मिलती है, जितनी मदद शायद उनके अपने सगे-संबंधी भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पोली हाउस में कारनेशन फूल की खेती के चलते उन्हें काफी लाभ पहुंच रहा है और अन्य प्रदेशों में भी वे अपने फूलों को भेज कर सालाना 5 से 7 लाख कमा रहे हैं ।
