मनमिन्दर अरोड़ा/कुल्लू: महंगाई की मार झेल रहे लाहौल-स्पीति के लोगों को एक और झटका भाजपा सरकार ने दे डाला है। इस बार ठंड से बचने के लिए अलाव जलाना भी घाटी के लोगों को महंगा पड़ेगा। महज 60 से 70 रुपए प्रति लीटर मिलने वाला मिट्टी का तेल अब लाहौल में 112 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि मिट्टी के तेल के बढ़ी कीमतों का कारण इस पर मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त करना है। लिहाजा इस बार की सर्दियां लाहौल-स्पीति के लोगों को जहां काफी परेशान करेंगी। वहीं अलाव जलाने से पहले भी उन्हें कई बार सोचना पड़ेगा। जेब पर भारी पड़ने वाली मिट्टी के तेल की कीमत ने जहां जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लोगों की टेंशन बढ़ा दी है।
लगातार बढ़ रही महंगाई को लेकर अब घाटी के लोगों ने आगामी विधानसभा चुनावों में इसका जवाब सत्ता परिवर्तन करके देने का निर्णय लिया है। उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर का कहना है कि जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में सर्दियों में जहां शून्य से नीचे तापमान रहता है, जो किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए आग जलाना भी अब घाटी के लोगों की जेबों पर भारी पड़ेगा। उन्होंने सरकार पर जनजातीय जिला के लोगों की अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे पहले केरोसिन तेल पर जहां सब्सिडी दी जाती थी और घाटी के लोगों को यह कम दाम पर उपलब्ध करवाया जाता था। वहीं भाजपा सरकार ने अब इस सब्सिडी को भी खत्म करते हुए इसके दाम पेट्रोल की कीमतों से भी ज्यादा बढ़ा डाले हैं।
उन्होंने कहा कि केरोसिन की कीमत प्रति लीटर घाटी में 110 रुपए से भी ज्यादा पहुंच गई है, जो आम आदमी के बजट से बाहर है। रवि ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जहां सरकारी डिपो में मिलने वाला सस्ता राशन के कोटे में कटौती की है। वहीं यहां उपलब्ध होने वाले राशन के दाम भी बढ़ाए गए हैं, यही नहीं बची कुची कसर मिट्टी के तेल के दामों को बढ़ाकर पूरी कर डाली है। रवि ठाकुर ने कहा है कि वे सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द मिट्टी के तेल के बढ़े दामों को वापस लिया जाए और पहले की तरह ही इस पर सब्सिडी दी जाए, ताकि घाटी के लोग आसानी से इसे खरीद सके। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में जहां सर्दियों में भारी बर्फबारी का दौर लगातार जारी रहता है वहीं ठंड से बचने के लिए घाटी के लोग आग का सहारा लेते हैं।
ऐसे में एक तरफ जहां विद्युत व्यवस्था अधिकतर क्षेत्रों में ठप रहती है वहीं अलाव के सहारे ही लोग जहां ठंड से कुछ हद तक निजात पाते हैं ,लेकिन अब अलाव जलाना भी महंगा साबित होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि अगर केरोसिन के दाम घटाए नहीं गए तो लाहौल स्पीति कांग्रेस इसे लेकर सड़कों पर उतरेगी और सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। उधर स्थानीय निवासी छेरिंग दोरजे का कहना है कि मिट्टी के तेल के दाम बढ़ने से जहां उनकी दिक्कतें भी बढ़ गई हैं वहीं घाटी के लोगों को इस बार सर्दियों में आग जलाने के लिए कुछ और विकल्प देखना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार जहां जनजातीय जिला के लोगों के साथ लगातार अन्याय कर रही है वही केरोसिन के दाम बढ़ाने से लोगों की दिक्कतें भी सरकार ने बना डाली है। उन्होंने बताया कि घाटी के कुछ स्थानों पर केरोसिन के दाम जहां 110 रुपए प्रति लीटर है तो कुछ स्थलों पर 112 और कुछ स्थलों पर 117 रुपए प्रति लीटर पहुंच रहे हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जय राम सरकार जनजातीय जिला के लोगों की कितनी हितैषी है ,जिस सरकार ने अब केरोसीन के दाम भी साथ में आसमान पर पहुंचा डाले हैं।
