Mandi, dharamveer-मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल में निर्माणाधीन पुल की शटरिंग गिरने से पाड़छू खड्ड का जलप्रवाह बाधित हो गया है, जिससे वहां एक अस्थायी झील बन गई है। यह हादसा 23 जून को उस समय हुआ जब पुल निर्माण के लिए हजारों टन मिट्टी सीधे खड्ड में डाली गई और उसी पर शटरिंग खड़ी की गई थी। भारी बारिश के कारण मिट्टी धंसने से शटरिंग टूट गई, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
स्थानीय लोगों को खतरे का आभास होते ही वे मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर कंपनी अधिकारियों से नाराजगी जताई। इसके बाद स्थानीय विधायक चंद्रशेखर और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन सख्त, कंपनी को 7 दिन में मलबा हटाने का अल्टीमेटम
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) डॉ. मदन कुमार व पुलिस अधीक्षक मंडी ने घटनास्थल का दौरा किया। एडीएम ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराजगी जताई और निर्माणाधीन कंपनी को 7 दिनों के भीतर खड्ड में डाली गई मिट्टी हटाने के निर्देश दिए।डॉ. कुमार ने बताया कि कंपनी को 24 घंटे में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी राहत कार्यों की 24×7 निगरानी की जाएगी ताकि आसपास के घरों, मंदिर और श्मशान घाट को नुकसान से बचाया जा सके।
यह उल्लेखनीय है कि जालंधर-अटारी से मंडी तक बनने वाले नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य तीन वर्षों से जारी है। धर्मपुर होकर गुजरने वाले इस मार्ग पर कई पुल निर्माणाधीन हैं, जिनमें से एक पाड़छू पुल है। इस परियोजना में पहले भी निर्माण कार्यों को लेकर लापरवाही की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिससे संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
