राहुल चावला,धर्मशाला: जन चेतना समाज सेवी संस्था धर्मशाला की ओर से स्मार्ट सिटी के कार्यो में अनियमितताओं को लेकर अहम बैठक सोमवार को आयोजित की गई। इसमें संस्था के अध्यक्ष एससी धीमान, पूर्व आइएएस अधिकारी कैप्टन जेएम पठानिया सहित सभी पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे। कैप्टन जेएम पठानिया ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रपोजल में स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट हैं व भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत ही बजट खर्च होना था, लेकिन इसमें बदलाव किया गया हैं। ऐसे में सरकार व केंद्र को पत्र भेजा जा रहा है, जबकि जल्द ही वह इस मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगे।
पूर्व कमिश्नर व स्मार्ट सिटी के एमडी कैप्टन जेएम पठानिया ने स्मार्ट सिटी के कार्यों को लेकर एक शिकायत पत्र तैयार किया है, जिसे सरकार को भेजा जाएगा। इतना ही नहीं अनियमितताओं पर जल्द लगाम नहीं लगती है, तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही हैं। उन्होंने बताया कि एक हजार करोड़ के 71 प्रोजेक्ट को टाइड फंड के तहत कार्य किए जाने के लिए रखा गया हैं । इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार की भी सहमति हैं जिसके फंड के अन्यकार्यों में बदला नहीं जा सकता हैं जबकि कई बजट अन्य कार्यो व विभागों, बोर्डों को भी प्रदान कर दिया गया है, जोकि बड़े सवालों के घेरे में हैं।
उन्होंने कहा को जनसहभागिता के साथ ही स्मार्ट सिटी के कार्यों को किया जाना चाहिए । कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार की सहमति के बिना ही एचआरटीसी के लिए डिपो व इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए बजट प्रदान कर दिया गया हैं। मॉन्ट इंस्टीट्यूट में भी हॉस्टल बन रहा है, जोकि राज्य सरकार के बजट से होना चाहिए न कि स्मार्ट सिटी धर्मशाला के बजट से। नगर निगम धर्मशाला के कार्यालय को चरान में बनाने के लिए भी स्मार्ट सिटी से बजट लिया जा रहा हैं,जबकि इससे कमांड कंट्रोल सेंटर बनना प्रस्तावित हैं।
जन चेतना संस्था ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने का भी प्रपोजल था, इसमें इंडोर स्टेडियम बनना प्रस्तावित था, लेकिन अब फुटबॉल मैदान बनाया जा रहा है, जोकि नियमों के तहत नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश व केंद्र सरकार के अधिकारियों व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रपत्र भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर उचित कार्रवाई न किए जाने पर हाई कोर्ट जाएंगे।
