राहुल चावला, धर्मशाला: शिक्षा विभाग में कार्यरत जलवाहक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को जलवाहको ने अपनी मांग को लेकर रोष प्रदर्शन किया साथ ही उपायुक्त कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेज मांग उठाई के 25 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में उनकी मांग को पूरा किया जाए। यदि मंत्रिमंडल की बैठक में उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।
जलवाहकों के मुताबिक सरकार की ओर से उनके लिए जो पॉलिसी बनाई गई हैं उसमें 11 साल पूरा करने पर उन्हें नियमित किया जाना हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने 11 साल पूरे कर चुके शिक्षा विभाग में कार्यरत जलवाहकों के बारे में न कोई नोटिफिकेशन, आदेश निकाले ओर न ही उन्हें नियमित किया गया।
इस समय प्रदेश भर में 750 के करीब जल वाहक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वहीं कांगड़ा में लगभग 160 कर्मचारी हैं। धरने में बैठे नूरपुर ब्लॉक के अध्यक्ष मदन लाल ने बताया कि मार्च महीने से हम कई बार मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश व शिक्षा मंत्री से शिमला जा कर मिल चुके हैं। हमें यही बोला जा रहा है कि सप्ताह भर में आपका काम हो जाएगा। मगर चार महीने बीतने वाले है आज तक 11 साल पूरे कर चुके शिक्षा विभाग में कार्यरत जलवाहकों को नियमित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर उनको नियमित न किया गया तो जलवाहक आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
