राकेश, ऊना: अगर मन में कुछ कर गुजरने की चाह हो और आपका लक्ष्य निर्धारित हो तो उस तक पहुंचने में कोई भी परेशानी बाधा नहीं बन सकती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखा रही है ऊना जिला की अंजली नाम की एक लड़की। अंजलि वैसे तो कॉलेज में पढ़ाई करती हैं, लेकिन कॉलेज के बाद जो समय मिलता है और छुट्टी वाले दिन वह घर-घर और दफ्तर-दफ्तर जाकर गर्म कपड़े बेचने का काम करती हैं। यह काम इसलिए क्योंकि उसे अपने परिवार का पालन पोषण भी करना है और उसके लिए उसे पैसों की जरूरत है जिसे वो मेहनत कर जुटा रही हैं।
अंजलि और उसकी माता और उसके चार भाई किराए के मकान में रहते हैं। पिता से 15 साल पहले ही अलग होकर वह किराए के मकान में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। अंजलि की माने तो उसके पिता शराबी है जिस कारण उसकी माता और वह मेहनत कर अपने परिवार का पेट पाल रही हैं। अंजलि कॉलेज के समय पढ़ाई करती है और कॉलेज के बाद का समय और छुट्टी वाले दिन वह घर-घर और दफ्तरों में जाकर जुराब और दस्ताने बेचकर अपनी पढ़ाई कर रही हैं और परिवार की आर्थिकी को भी मजबूत कर रही हैं।
अंजलि का मानना है कि वह शौक के लिए नहीं बल्कि मजबूरी के चलते इस तरह का काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें काम करते हुए शर्म महसूस नहीं होती बल्कि गर्व महसूस होता हैं। वह किसी के आगे हाथ ना फैलाकर मेहनत मजदूरी कर कर खुद भी पढ़ लिख रही है और परिवार का पेट भी पाल रही हैं। अंजलि पढ़ लिख कर एक बहुत बड़ा अफसर बनना चाहती है और उसका कहना है कि इसके लिए वह अपनी पढ़ाई और मेहनत तो दोनों ही जारी रखेगी। अपनी इस तरह की मेहनत से अंजलि दूसरी युवा पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा बन रही है कि किस तरह वह छोटी सी उम्र में मेहनत कर अपने परिवार को पालने के साथ ही अपने लक्ष्य की और निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
