राहुल चावला , धर्मशाला | हिमाचल प्रदेश के प्रवास पर आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने धर्मशाला में धर्म सम्मेलन में शिरकत की। धर्म सम्मेलन में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि विश्व शांति के लिए आत्मिक शांति का होना आवश्यक है। इससे पहले उन्होंने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से भी शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने निर्वासित तिब्बत सरकार के की संसद का भी अवलोकन किया। धर्मशाला के कोतवाली बाजार स्थित सामुदायिक भवन में देव भूमि मैत्री संघ द्वारा आयोजित धर्म सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि
तथागत बुद्ध कहते थे, सनातन की जड़े प्रकृति में विद्यमान हैं, मानव सेवा धर्म है, जो शुचिता, करुणा, तपस्या, त्याग आधारित है। सभी महापुरुषों ने समय-समय पर धर्म की स्थापना एवं धर्म रक्षा के लिए प्राणार्पण किये। गुरु तेगबहादुर जी ने धर्म रक्षा हेतु बलिदान किया, उसी धर्म रक्षा के लिए परम पावन दलाई लामा विश्व में शांति का संदेश दे रहे हैं, इसलिए सभी को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि 7वें लिंग रिंपोछे उपस्थित हुए। इस सम्मेलन का आयोजन परम पावन दलाई लामा के 90वर्ष पूर्ण होने पर उनके दीर्घायु के लिए एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त किया गया। लिंग रिंपोछे ने संघ की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघ देश और दुनिया में एकता, समरसता एवं सदभावना का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को पर्यावरण रक्षा, अहिंसा एवं विश्व शांति के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। भारत, दुनिया को सही रास्ता दिखा कर आगे बढ़ रहा है। सम्मेलन में किन्नौर, लाहौल, स्पीति, जिला कांगड़ा एवं अन्य कई स्थानों से बौद्ध धर्म के सेंकड़ों अनुयायियों ने भाग लिया।
