अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड एम्प्लाइज यूनियन का जिला स्तरीय अधिवेशन हमीरपुर में मंगलवार को आयोजित किया गया। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने इस अधिवेशन की अध्यक्षता की। इस अवसर पर यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा के अतिरिक्त राज्य पदाधिकारी ओर स्थानीय इकाइयों के प्रधान के अतिरिक्त यूनियन के पूर्व प्रधान कुलदीप खरवाड़ा भी उपस्थित रहे। बैठक में यूनियन ने बिजली बोर्ड में लागू की जा रही केंद्र की आर.डी.एस. योजना में तहत की जा रही स्मार्ट मीटरिंग का विरोध जताया। इसके साथ ही यूनियन ने बिजली बोर्ड सर्विस कमेटी की बैठक के आयोजन में देरी का आरोप लगाया और इस बैठक को शीघ्र कर बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू करने व टी.मेट व हेल्पर की पदौन्नति शीघ्र करने की मांग भी उठाई।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्प्लाइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने स्मार्ट मीटरिंग पर गंभीर प्रश्न उठाते कहा कि इसमें रखे गए लक्ष्य व शर्तें प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों में व्यवहारिक नहीं है और केंद्र सरकार की शर्त के अनुसार लक्ष्यों के प्राप्त न होने पर इसमें दी जा रही ग्रांट लोन में बदल जाएगी। यूनियन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य की खराब वित्तिय हालात देखते हुए केंद्रीय ग्रांट का लालच देकर बिजली वितरण प्रणाली में सुधार के नाम पर स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से देश के बड़े निजी कॉरपोरेट को बिजली वितरण कंपनियों में प्रवेश करवाना चाहती हैं। इस योजना के तहत स्मार्ट मीटर के रखरखाव का कार्य पब्लिक प्राइवेट पार्टिसिपेशन (PPP Mode) पर करना प्रस्तावित हैं। वहीं इसके डाटा संग्रहण का कार्य इसके अतिरिक्त कोई तीसरी निजी संस्था देखेगी। इस तरह से बिजली कंपनी का बड़ा कार्य निजी हाथों में चला जाएगा।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 360 करोड़ रुपए की ग्रांट स्मार्ट मीटर में केंद्र सरकार दे रही हैं। उससे ज्यादा तो पुराने मीटर जो उतारे जाएंगे उस पर बोर्ड की लागत आई हैं। वहीं इस पर कुल संभावित 2800 करोड़ रुपए में से लगभग 2450 करोड़ की राशि या तो बिजली बोर्ड को वहन करनी पड़ेगी या फिर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के ऊपर इसका बोझ पड़ेगा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यूनियन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पहले ही इसके कुछ पहलुओं से अवगत करवाया हैं और बोर्ड को पहले ही इस प्रक्रिया को रद्द करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रबंधन वर्ग सरकार के पास इस बारे आंकडों को तोड़मरोड़ कर पेश कर रही हैं और फिर से स्मार्ट मीटरिंग की टेंडरिंग शुरू कर दी हैं। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ओपीएस लागू कर दिया गया हैं लेकिन बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों को इससे बाहर रखा गया हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कि बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू करने व टी.मेट व हेल्प पदौन्नति शीघ्र करने की मांग की हैं।
