प्रागपुर (कांगड़ा) : राहुल चलाता-मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के प्रागपुर के गांव नक्की में ‘सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम’ की अध्यक्षता की लोगों की समस्याएं घर-द्वार पर हल करने तथा उन्हें सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार की यह पहल है । मुख्यमंत्री ने 11.32 करोड़ रूपये की लागत से बने मंडवारा से करोल वाया चानौरिया बस्ती, बाबा बालोतू मंदिर, सुकर और डाडरी सम्पर्क मार्ग एवं नलसुहा खड्ड पर बने सेतु मार्ग (कौजवे) तथा लगबलियाना व सेहरी खड्ड पर बनी से प्रागपुर वाया दंगरासिद्ध सड़क पर निर्मित दो पुलों का उद्घाटन भी किया.
इस अवसर पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विधवाओं के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी और आने वाले बजट में इसके लिए योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शगुन योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 31-31 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के चैक भी प्रदान किए. उन्होंने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया.वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि बिना केंद्र सरकार की सहायता तथा सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने प्रदेश के आपदा प्रभावितों को 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज दिया उन्होंने कहा कि प्रागपुर में भी 84 परिवारों को 3-3 लाख की किश्त जारी की जा चुकी है.मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान सक्षम नेतृत्व प्रदान किया, जिसकी प्रशंसा नीति आयोग तथा विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने की कांगड़ा जिला को राज्य सरकार ने पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है तथा इससे जिला के साथ-साथ हमीरपुर और ऊना के निवासियों को भी लाभ मिलेगा. वहीं प्रधान ग्राम पंचायत प्रागपुर ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के लिए 11 हजार रुपए तथा स्थानीय निवासी रंजना पटियाल ने आपदा राहत कोष में 50 हजार रुपए का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया।
