मंडी : धर्मवीर – ऋषि पराशर की तपोस्थली में राज्य स्तरीय सरनाहुली मेला वीरवार को देव ध्वनियों की गूंज के साथ आरम्भ हो गया है। दो दिवसीय मेले की शोभा बढ़ाने जनपद के 30 के करीब देवी-देवता यहां पहुंचे हैं।
धार्मिक पर्यटन के लिए पराशर से बढ़कर और कोई स्थान नहीं
बीती रात को शेगली गांव में स्थित ऋषि पराशर के मुख्य कारदार राजेश कुमार, चमन लाल, सूरजमणि ने देव पराशर झील में अठारह करंडू के आगमन पर जाग जला कर मेले का शुभारंभ किया। वीरवार को सभी देवी देवताओं ने पराशर झील में शाही स्नान किया और पराशर ऋषि झील की परिक्रमा की। पराशर मेला के उपलक्ष्य पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी और पूर्व सीपीएस सोहन लाल ने भी उनके साथ पराशर ऋषि के मंदिर में मत्था टेका। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मेले में आए सभी देवी देवताओं का भी आशीर्वाद लिया।
कांग्रेस सरकार देवी-देवताओं की मान्यताओं को बरकरार रखने वाली सरकार
इस मौके मीडिया से रूबरू होते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल देवी देवताओं की भूमि है और कांग्रेस सरकार देवी-देवताओं की मान्यताओं को बरकरार रखने वाली सरकार है। उन्होंने इस मौके पर दूर देशों के पर्यटन स्थलों के साथ पर्यटन नगरी पराशर की तुलना भी की। अग्निहोत्री ने कहा कि पराशर अपने आप मे रमणीक पर्यटन स्थल हैं और यहां पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावना हैं। आज भारत ही नहीं दूर देशों से भी लोग इस स्थल में पहुंच रहे हैं। जिससे यहां पर्यटन को काफी बढ़ावा मिल रहा हैं। उन्होंने कहा कि पराशर ऋषि की इस धरती में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से बेहतर और स्थान कहीं भी नहीं है।
इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 144 करोड़ प्रतिमाह खर्च और 65 करोड़ प्रतिमाह आमदन के बावजूद परिवहन निगम के कर्मचारियों को हर माह वेतन और पेंशन दे रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भत्तों के तौर पर परिवहन निगम कर्मचारियों को अभी तक 9 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 1.70 करोड़ मेडिकल भत्ता भी जारी किया गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस साल 500 नई बसें चलाएगी। उन्होंने 500 नए प्राइवेट बस-ट्रेवलर रूट चलाने की बात कही ताकि युवाओं को रोजगार दिया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने मंडी में हवाई अड्डा बनाने की झूठी घोषणा की और शिव धाम का कार्य भी पूरा नहीं किया।
