ऊना: प्रदेश में स्थापित गौ सदनों ओर गौ-अभ्यारणों ऑडिट करवा कर इसकी रिपोर्ट अब रिपोर्ट गौ सेवा आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी। रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से कुल प्राप्तियों ओर व्यय की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति हासिल कर सकेगा। यह बात आज ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में गत साढ़े 4 वर्षों के कार्यकाल के दौरान पशुपालन विभाग तथा गौ सेवा आयोग ने बेहतरीन कार्य किया है ओर सभी कार्यों में पूर्णतया पारदर्शिता बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके कुछ लोग अपनी खोई हुई राजनीतिक पहचान को पुनः हासिल करने के लिए आए दिन सरकार के कामकाज पर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं।
वीरेंद्र कंवर ने कांग्रेस विधायक राम लाल ठाकुर के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश में कुल 220 गौ सदन हैं, जिनमें से 197 गौ सदन कार्यशील हैं। इसके अलावा प्रदेश में 10 बड़े गौ-अभ्यारण जबकि कुल पंजीकृत गौ सदनों की संख्या 132 हैं। इन सभी गौ सदनों व गौ अभ्यारणों में 20,149 गौवंश को आश्रय दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोपाल योजना के तहत चालू वित्त बजट में गौ पालकों को दी जाने वाली सहायता राशि को ₹ 500 से बढ़ाकर 700 रुपए किया है, जिसके तहत अब तक 17.30 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के कोटला बड़ोग, जिला सोलन के हांडा कुंडी, जिला ऊना के थाना खास, जिला हमीरपुर के खैरी, जिला कांगड़ा के लुथान, बाई अटारियां, खजियां, जिला शिमला के सुन्नी, जिला मंडी के लौंगनी तथा जिला हमीरपुर के गसौता में 9 बड़े गौ सदन एवं गौ अभ्यारण कार्यरत हैं, जिन पर लगभग 20 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला के खबल, कंगैहन, मरूहूं, कुडन, माता नारदा शारदा नगरोटा बगवां, जिला चंबा के मंझीर ओर जिला बिलासपुर के बलहसीना में बड़े गौ-अभ्यारण केंद्र निर्माणाधीन हैं, जिनका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है तथा इन सात गौ-अभ्यारण केंद्रों पर करीब 11 करोड़ पर खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गौ सदनों तथा गौ अभ्यारण के लिए कुल 62.39 करोड रुपए की राशि प्राप्त हुई है जिसमें से 51.93 करोड रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में एक समान विकास किया है तथा प्रत्येक कार्य पारदर्शिता तथा बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है। लेकिन चुनावी वर्ष होने के कारण कुछ विपक्षी नेता बौखलाएं हुए हैं, जिस कारण वह बार-बार सरकार पर बेबुनियाद व झूठे आरोप लगा रहे हैं।
वीरेंद्र कंवर ने राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र को बिलासपुर से कुटलैहड़ ले जाने का आरोपों का भी खंडन किया और कहा कि कोठीपुरा की जमीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नाम स्थानांतरित होने के उपरांत इसके लिए अन्यत्र भूमि तलाश की जा रही है ओर भूमि उपलब्ध होने पर शीघ्र ही राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र की स्थापना की जाएगी।
