बिलासपुर : अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) केकोठीपुरा बिलासपुर परिसर में आज कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। यह धरना प्रदर्शन एम्स निर्माण में लगी कंपनी की ओर से वीरवार को अचानक ही 40 कर्मचारियों को हटाये जाने के विरोध में किया गया। कर्मचारियों को जैसे ही उन्हें बाहर निकाले जाने का पता चला तो गुस्साए कर्मियों ने एम्स परिसर में ही धरना व नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए कंपनी ने निकाले गए सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रख लिया है।
निकाले गए कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर धरना दिया। सभी कर्मचारियों ने एम्स परिसर में बैठकर लंबे समय तक मंत्रणा की और आगामी योजना तैयार की। हालांकि शाम तक निर्माण
एनसीसी कंपनी में कार्यरत इन कर्मियों का आरोप है कि वह लंबे समय से यहां कोठीपुरा में कार्य कर रहे हैं। वीरवार को उन्हें अचानक ही काम पर नहीं आने के निर्देश सुना दिए। एम्स परिसर में मौजूद भारतीय मजदूर संघ की इकाई प्रधान कांता ठाकुर, महासचिव पुनीत कुमार, उप प्रधान राज कुमार, पूनम कुमारी, कांता देवी, राम प्यारी, जग्गी राम, सूरज कुमार, ललित लक्की, सरस्वती ने बताया कि उन्हें किसी तरह को नोटिस या कारण नहीं बताया गया। वहीं हमारे स्थान पर बाहर से आए कुछ अन्य लोगों को रखा जा रहा है जो कि हमारे साथ अन्याय है। कर्मियों ने कंपनी को चेताया कि उन्होंने अगर उन्हें काम पर वापस नहीं रखा तो वह लेबर कमीशनर चंडीगढ़ के पास शिकायत लेकर जाएंगे।
वहीं संजय सक्सेना, प्रबंधक, एनसीसी बिलासपुर ने कहा कि एम्स निर्माण का कार्य अब लगभग पूरा होने जा रहा है। काम में तेजी लाने के लिए कुछ लोगों को कुछ समय पहले यहां काम पर रखा था, लेकिन अब काम खत्म हो रहा है तो ऐसे में उन्हें अब कम कर्मियों की जरूरत है। कंपनी जल्द ही तैयार हो चुके भवन को एम्स प्रबंधन को हैंड ओवर करने जा रही है, उसके बाद कंपनी के पास यहां काम नहीं होगा।
