चन्द्रिका – प्रदेश सरकार ने अपने बजट में गुणात्मक शिक्षा पर फोक्स करते हुए इसमें सुधार की बात कही है। सीएम ने एक सर्वे में कोविड के दौरान छात्रों की सीखने, पढ़ने और लिखने की क्षमता में गिरावट आने पर इसमे सुधार के लिए कार्यप्रणाली बनाने की बात कही। उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 में शिक्षा विभाग के लिए 8,828 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।
शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पुराने स्कूलों में ही दी जाए सभी सुविधाएं
प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए स्कूल खोलने के बजाए पुराने स्कूलों में सभी तरह की सुविधा मुहैया करवाने की बात सीएम ने अपने बजट में कही। उन्होंने कहा कि नए स्कूल खोलने या अपग्रेड करने की जगह अब पुराने स्कूलों को मजबूत किया जाए। पुराने स्कूलों में शिक्षकों, पुस्तकालय, लैब सुविधा, अच्छे भवन और खेल मैदानों की सुविधाएं दी जाएंगी। वर्ष 2021-22 में प्रदेश के 3,148 स्कूलों में केवल सिंगल शिक्षक उपलब्ध थे। प्रदेश के कुल स्कूलों का यह 30 फीसदी था। सरकार ने पाया कि कई संस्थान ऐसे खोले गए थे, जहां बच्चों की संख्या बहुत कम थी। इनमें गुणात्मक शिक्षा दे पाना संभव नहीं था। सीएम ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए यह व्यवस्था परिवर्तन करना ही होगा।
अब मेधावियों को दिए जाएंगे टेबलेट
प्रदेश कांग्रेस सरकार के इस बार क बजट में मेधावियों को लैपटॉप देने के स्थान पर टेबलेट देने की घोषणा की। जबकि पूर्व भाजपा सरकार में मेधावियों को लैपटॉप दिए जाते थे। सीएम सुक्खू के बजट के अनुसार सरकारी स्कूलों की दसवीं और बारहवीं कक्षा और कॉलेजों में पढ़ने वाले दस हजार मेधावियों और प्राइमरी स्कूलों के 17,510 शिक्षकों को सरकार टेबलेट देगी।
खोले जाएंगे डे बोर्डिंग स्कूल
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में प्री प्राइमरी से बारहवीं कक्षा तक की शिक्षा सुविधा के साथ सभी प्रकार की इंडोर एवं आउटडोर खेल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी ।
दोगुनी डाइट मनी से खिलाड़ियों को राहत
प्रदेश सरकार ने खेल छात्रावासों में रहने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी को भी दोगुनी कर दिया है। उम्मीद है कि ये डाइट मनी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। प्रदेश में कई ऐसे खिलाड़ी भी है जो आर्थिक तौर पर कमजोर है। ऐसे में डाइट मनी में इजाफा इन खिलाड़ियों के लिए आवश्यक भी है। इन खिलाड़ियों को अब प्रतिदिन 120 रुपये की जगह 240 रुपये मिलेंगे।
कॉलेज में साल में अब दो बार होगा रोजगार मेला
प्रदेश में पढ़े लिखे युवाओं के लिए नौकरी मुख्य मुद्दा है। अब तक कॉलेजों में एक बार ही रोजगार मेला होता था, लेकिन अब साल में दो बार रोजगार मेलों का आयोजन होगा ।वहीं स्पेशल प्लेसमेंट ड्राइव का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ब्लॉक स्तर पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की पहुंच और आवश्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालयों का भी निर्माण किया जाएगा।
