शिमला | ब्यूरो रिपोर्ट: हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सनातन विरोधी रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगते नजर आ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के एक पुराने बयान के बाद से प्रदेश में हिंदुओं के खिलाफ घटनाओं में इज़ाफा हुआ है। शिमला में एक प्रेस वार्ता के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा नेता राजीव बिंदल ने सुक्खू सरकार को निशाने पर लेते हुए कई संवेदनशील मामलों को गिनाया।
“97% हिंदुओं की विचारधारा को हराने” वाला बयान विवादों में
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा ‘97 प्रतिशत हिंदू आबादी में हिंदूवादी सोच को हराने’ की बात कहने के बाद, प्रदेश में एक विशेष मानसिकता के तहत कार्रवाई हो रही है। ठाकुर ने कहा कि यह बयान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांप्रदायिक विभाजन की दिशा में एक संकेत था।
पांवटा साहिब घटना को बताया “लव जिहाद” का मामला
पांवटा साहिब में एक हिंदू युवती की गुमशुदगी के मामले को भाजपा ने “लव जिहाद” से जोड़ा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज करने में देरी की, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए। इसके बाद ही लड़की को खोजा गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले में विरोध करने पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके खिलाफ BNS की धारा 109 में मामला दर्ज किया गया।
अन्य घटनाओं का भी किया हवाला
राजीव बिंदल ने भी कांग्रेस सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए चंबा के मनोहर हत्याकांड, नाहन में गौवध की सोशल मीडिया पोस्ट, और संजौली में अवैध धार्मिक निर्माण जैसे मामलों में सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता को चिंताजनक बताया।
भाजपा ने दी चेतावनी
नेता विपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने भाजपा नेताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए, तो पार्टी पूरे प्रदेश में जोरदार जन आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार का रुख संविधानिक मूल्यों के विरुद्ध और हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है।
