भावना शर्मा, शिमला: हिमाचल प्रदेश में रविवार को कांग्रेस सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का गठन किया हैं। मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया को पूरा करते हुए 7 विधायकों को रविवार को मंत्री पद की शपथ राज्यपाल की ओर से दिलवाई गई हैं। जिन सात मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में सुक्खू सरकार ने जगह दी हैं उसमें युवा विधायकों के साथ ही वरिष्ठ विधायकों को तरजीह दी गई हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता हैं कि भले ही मंत्रिमंडल के विस्तार में कांग्रेस ने ज्यादा समय लिया लेकिन युवा जोश के साथ ही राजनीति में मंजे हुए और अनुभवी नेताओं का समावेश करते हुए मंत्रिमंडल का गठन कांग्रेस की ओर से किया गया हैं।
मंत्रिमंडल में जिन विधायकों को जगह दी गईं हैं उसमें अगर वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की बात की जाए तो सोलन सदर सीट से विधायक का कर्नल धनीराम शांडिल के साथ ही किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी, ज्वाली से विधायक चौधरी चंदर कुमार सहित शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान को मंत्री पद यहां सौंपे गए हैं। वहीं युवा विधायकों में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह, कसुम्पटी से विधायक अनिरुद्ध सिंह और जुब्बल कोटखाई से पहली बार विधायक बने रोहित ठाकुर का नाम शामिल हैं।
मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं का यह हैं राजनीतिक सफर
किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी:
किन्नौर से चार बार विधायक बने जगत सिंह नेगी ने युवा कांग्रेस से अपने करियर की शुरुआत करते हुए 1996 से लेकर 1998 तक जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1995 में अपना पहला चुनाव उपचुनाव के रूप में लड़ा जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। इसके बाद वे वीरभद्र सरकार में वर्ष 2012 से 2017 तक का डिप्टी स्पीकर रहे।
जवाली विधायक चंदर कुमार
8 मई 1947 को जन्में जवाली विधायक चंदर कुमार ने वर्ष 1983 से 2004 के बीच 5 बार के लिए गुलेर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण जैसे प्रमुख विभागों में मंत्री के रूप में भी कार्य किया हैं। इसके साथ ही 2004 से 2009 तक संसद सदस्य के रूप में भी उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया हैं। वहीं अभी हाल ही में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया था।
सोलन सदर विधायक धनीराम शांडिल
सोलन सदर विधायक धनीराम शांडिल का जन्म 20 अक्टूबर 1940 को हुआ। सेना में सेवाएं देने के बाद वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राजनीतिक दल के सदस्य बने। उन्होंने वर्ष 1999 में हिमाचल प्रदेश में शिमला निर्वाचन क्षेत्र से हिमाचल विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में तेहरवीं लोकसभा के लिए चुने गए। वह 2004 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में 14 वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए। कांग्रेस सरकार में वह पूर्व में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश में अक्टूबर 2021 में हुए उपचुनाव में भी धनीराम शांडिल ने जीत हासिल की थी।
शिलाई विधायक हर्षवर्धन चौहान
शिलाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हर्षवर्धन चौहान का जन्म 14 सितंबर 1964 को नाहन हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति में रहते हुए एनएसयूआई छात्र संगठन से की। इसके बाद उन्होंने युवा कांग्रेस में कार्य करते हुए राज्य महासचिव के पद पर कार्य किया। उन्होंने पहला चुनाव वर्ष 1993 में लड़ा था, जिसमें जीत हासिल कर वह विधायक बने। इसके बाद वर्ष 1998 2003, 2007,2017 और 2022 का चुनाव भी उन्होंने लड़ा जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। कांग्रेस पार्टी में रहते हुए कांग्रेस कमेटी महासचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राज्य प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी, नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। इसी बीच वह दो बार जिला सिरमौर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहने के साथ ही प्रदेश सरकार में एक बार सीपीएस और एक बार राज्य रोजगार सृजन बोर्ड के चेयरमैन भी रहे हैं।
जुब्बल कोटखाई विधायक रोहित ठाकुर
वहीं अगर कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल में जिन्हें युवा चेहरों को जगह दी गई है अगर उनके राजनीतिक जीवन की बात की जाए तो मंत्रिमंडल में शामिल हुए जुब्बल कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर का जन्म 14 अगस्त 1974 हुआ हैं। वह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के पौत्र हैं।उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की हैं। रोहित ठाकुर ने अपना पहला चुनाव वर्ष 2003 में लड़ा था। इसके बाद वर्ष 2007 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा लेकिन इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में रोहित ठाकुर ने एक बार फिर से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वर्ष 2017 में उन्हें एक बड़ा फिर हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्ष 2021 में हुए उप चुनावों में उन्होंने इस हार का बदला लिया और जीत हासिल की। वहीं वर्ष 2022 के चुनाव में रोहित ठाकुर ने जीत हासिल कर सुक्खू सरकार की कैबिनेट में अपनी जगह बनाई है।
कसुम्पटी विधायक अनिरुद्ध सिंह
अनिरुद्ध सिंह के राजनीतिक जीवन की बात की जाए तो 23 जनवरी 1977 को जन्मे अनिरुद्ध सिंह लगातार तीन बार कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुने गए हैं। उन्होंने अपने पहला चुनाव 2012 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर ही कसुम्पटी विधानसभा से लड़ा था जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी। इसके बाद वर्ष 2017 और फिर 2 वर्ष 2022 में हुए चुनावों में भी उन्होंने इस विधानसभा सीट से जीत दर्ज की हैं। इस बार के विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज को हरा कर इस सीट पर कांग्रेस पार्टी को जीत दर्ज करवाई हैं।
शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह
सुक्खू मंत्रिमंडल में शामिल अंतिम नाम पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और शिमला ग्रामीण से विधायक का विक्रमादित्य सिंह का हैं। 4 अक्टूबर 1989 को जन्में विक्रमादित्य सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि ही राजनीति कर रही हैं। राजनीति उन्हें अपने माता- पिता से विरासत में मिली ह और अब वह उसी विरासत को संभाल रहे हैं। उनके राजनीतिक जीवन की बात की जाए तो उन्होंने अपना पहला चुनाव वर्ष 2017 में शिमला ग्रामीण सीट से लड़ा था जिस पर उन्हें जीत हासिल हुई। इसके बाद वर्ष 2022 में भी उन्होंने शिमला ग्रामीण सीट से ही जीत दर्ज की। वर्ष 2013 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने कार्य किया हैं।
