अनिल कुमार,किन्नौर: प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में 4 दिन बर्फबारी के बाद शनिवार को धूप खिलने से मौसम सुहावना हुआ हैं। जिला में खिली धूप से लोगों को बड़ी राहत मिली हैं। वहीं जिला में बर्फ से ढके पहाड़ भी धूप में चांदी की तरह चमक उठे हैं। जिला में जनवरी माह में हुई बर्फबारी से जिला के बागवानों व किसानों को अब सिंचाई से निजात मिली हैं और सुखी पड़ी हुए जमीन भी नमी भरी हो गई हैं। किन्नौर जिला ने बर्फबारी के बाद पहाड़ भी चांदी से चमकने लगे हैं और पहाड़ो पर अब गलेशियर गिरने का भी खतरा बढ़ गया हैं।
किन्नौर जिला में बर्फबारी के बाद अब प्राकृतिक जलस्त्रोत भी खुलने लगे हैं। वहीं बर्फबारी के चलते ठंड भी बढ़ चुकी हैं। जिला की सड़के फिसलन भरी हैं जिसपर सुबह शाम वाहनों के टायर फिसल रहे हैं। जिला में इस वर्ष पहाड़ो पर तो बर्फबारी हुई है लेकिन निचले इलाकों मे बहुत कम बर्फबारी हुई हैं। ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाके छितकुल, रकछम, सांगला, कुनो, चारंग,लिप्पा, आसरंग में करीब 3 से 4 इंच बर्फबारी तो निचले इलाकों में 2 से ढाई इंच बर्फबारी हुई हैं जिससे केवल बागवानों व किसानों को कुछ समय के लिए सिंचाई से निजात मिली हैं।
जिला में इस वर्ष कम बर्फबारी होने से गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या व सूखे से परेशानियां भी हो सकती हैं। फिलहाल जिला में अप्रैल माह तक बर्फबारी के आसार है और लोग अभी जिला में और बर्फबारी का इंतज़ार कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने आज जिला ने मौसम सुहावना होते ही एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों व जिला के लोगों को पहाड़ो की ओर जाने से मना किया है ताकि गलेशियर इत्यादि के चपेट में आने से किसी के जानमाल का नुकसान न हो।
