शिमला : संजु चौधरी (TSN)- वीरवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेशों को रद्द कर दिया है, अब शिमला डेवलपमेंट प्लान के तहत ही यहां भवनों का निर्माण होगा ।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने साल 2017 में शिमला शहर के कोर और ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर रोक लगा दी थी । इससे शिमला शहर के लोगों को खासी राहत मिलेगी,साथ ही कई ऐसी जनहित से जुड़ी इमारत का भी निर्माण हो सकेगा, जो अब तक एनजीटी के आदेशों की वजह से नहीं हो पा रहा था । इनमें अस्पतालों की कई बड़ी इमारतें भी शामिल हैं, जिससे प्रदेश भर की जनता को राहत मिलनी थी । अब राज्य सरकार इस दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगी ।
हिमाचल प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज ने कहा कि साल 2017 के नवंबर महीने में एनजीटी ने प्लान पर रोक लगा दी थी ।उन्होंने कहा कि इस प्लान से फागु से लेकर जाठिया देवी तक निर्माण के लिए प्लान तैयार किया गया था । पूर्व भाजपा सरकार ने भी इस लड़ाई को पूरे दमखम के साथ लड़ा । सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट से इस बड़ी राहत के बाद इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक और ट्रॉमा सेंटर जैसे लंबित निर्माण किया जा सकेंगे । उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का भी आभार व्यक्त किया । सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेशभर की जनता इससे लाभान्वित होगी ।
