संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल सरकार की ओर कांगड़ा जिला को टूरिज्म कैपिटल बनाने की घोषणा की गई हैं। सरकार इस दिशा में काम भी कर रही हैं। इसी के तहत अब कांगड़ा जिला के कस्बा पालमपुर को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पर्यटक यहां आ कर घूमने का लुफ्त उठा सकें इसके लिए यहां पर पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए रोड मैप तैयार करने में सरकार जुट गई हैं। यह बात पालमपुर के विधायक और सीपीएस आशीष बुटेल ने कही।
आशीष बुटेल ने कहा कि पालमपुर को चाय की नगरी के नाम से भी जाना जाता हैं। चाय बागान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने उसके लिए कार्य किया जाएगा और पालमपुर के सौंदर्यकरण को लेकर योजना तैयार की जा रही हैं। खास कर चाय बागानों को पर्यटन स्थल के रूप में आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पालमपुर में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की थी और इस समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दो बड़ी पार्किंग निर्माण करने को हरी झंडी दे दी हैं जिससे यहां पर पार्किंग की समस्या दूर होगी और यहां पर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आए उसको लेकर रोडमैप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पालमपुर को वीरों की भूमि के नाम से भी जाना जाता हैं। तीन परमवीर चक्र और अशोक चक्र भी पालमपुर के जवानों को मिले हैं। देश के लिए सैनिक जो शहीद हुए वे पालमपुर से संबंध रखते हैं। उनकी स्मृति में पालमपुर में वार म्यूजियम या वॉर मेमोरियल का निर्माण किया जाएगा जो पर्यटकों के लिए तो आकर्षण का केंद्र बनेगा ही खासकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
केंद्र की ओर से कर्ज की सीमा घटाना ओर ग्रांट बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण
हिमाचल की कर्ज की सीमा और ग्रांट और रोकने पर भी आशीष बुटेल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिकी को सुदृढ़ करने में लगी हैं। पूर्व सरकार काफी ज्यादा कर्ज हिमाचल पर छोड़कर गई है और अब केंद्र ने हिमाचल की कर्ज की सीमा और ग्रांट को बंद कर दिया हैं जोकि दुर्भाग्यपूर्ण हैं। केंद्र सरकार द्वेष की भावना से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कांग्रेस पर आरोप लगा रहे लेकिन वे ये बताए की कर्ज की सीमा घटाने और ग्रांट कम करने के मामले को लेकर केंद्र से क्यों नहीं बात कर रहे हैं।
