जयराम ठाकुर का यह पुश्तैनी मकान उनके भाई बीरी सिंह के परिवार द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है। वहीं पास ही उनके बड़े भाई अनंत राम का नया मकान भी स्थित है, जिसमें अब दरारें आ गई हैं। 30 जून और 1 जुलाई की मूसलाधार बारिश के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया, जिससे दोनों घरों की नींव पर खतरा मंडराने लगा।गंभीर स्थिति को देखते हुए गौशाला को खाली करा दिया गया है और भूस्खलन वाले हिस्से पर तिरपाल आदि लगाकर अस्थायी सुरक्षा उपाय किए गए हैं। आपदा के कई दिनों बाद आज जयराम ठाकुर खुद अपने परिजनों से मिलने और घर की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार दोनों परिवार अभी भी इन घरों में रह रहे हैं, लेकिन भारी वर्षा होने पर अस्थायी रूप से जयराम ठाकुर के नए मकान में शरण लेते हैं। निरीक्षण के बाद जयराम ठाकुर ने आसपास के अन्य प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा किया और नुकसान का मूल्यांकन किया।
