अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही हैं। भारी बारिश से जन-जीवन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत एवं बचाव कार्यो की स्वयं निगरानी कर रहे हैं और प्रदेश ओर जिला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि आपातकाल की स्थिति में लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की और संबंधित जिलों में हुए नुकसान का जायजा लिया ओर प्रभावितों को तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्यों पर नज़र बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कई दशकों के बाद हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश में 3 हजार करोड़ का नुकसान अब तक आंका गया हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से लोगों को सहूलियत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं की बारिश रुकने के बाद मौके पर जाकर भी स्थिति का जायजा लें।
उन्होंने बताया कि हिमाचल की स्थिति पर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के अलावा प्रदेश के राज्यपाल व नेता प्रतिपक्ष के साथ बातचीत हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने प्रदेश की स्थिति पर चिंता जाहिर की हैं उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा बा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बातचीत में उन्होंने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की हैं।
मुख्यमंत्री ने मंडी जिला के नगवाईं में फंसे छह लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान पर भी नज़र बनाए रखी। इन सभी छह लोगों को देर रात लगभग दो बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने बचाव दल और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना भी की।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू मनाली के आलू ग्राउंड में फंसे 29 लोगों और लाहौल स्थित चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग दो सौ पर्यटकों के बारे में भी पल-पल की जानकारी लेते रहे। मनाली में फंसे 29 लोगों को आज सुबह आठ बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने चंद्रताल झील के पास फंसे पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सामग्री, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान भेजने के निर्देश दिए और जिला प्रशासन से उनके बारे में पल-पल की जानकारी लेते रहे, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन को विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के लगातार संपर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार सभी लोगों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने और नदी-नालों के नजदीक न जाने की अपील भी की हैं।
