मंडी/परी शर्मा– बल्ह क्षेत्र के नागचला से पंडोह तक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क में एमसी कम्पनी मजदूरों को हर माह के बजाए तीसरे महीने वेतन देने के खि़लाफ़ मज़दूरों ने कंपनी के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कंपनी प्रबंधन से लिखित समझौता हुआ , जिसमें नवंबर माह का वेतन 29 दिसंबर तक देने का निर्णय हुआ। दिसंबर माह का वेतन 10 जनवरी तक और हर माह इसी समय सारिणी के अनुसार वेतन दिया जाएगा।
कंपनी प्रबंधन , श्रम विभाग और ज़िला प्रशासन से मांगपत्र पर वार्ता करने की मांग
सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि केएमसी कंपनी ने मनमर्ज़ी का शेड्यूल बनाया था , जो मज़दूरों को तीसरे महीने वेतन जारी करती थी। इसके चलते मज़दूरों ने 5 दिसंबर को सीटू से सबंधित यूनियन बनाने का निर्णय लिया था। यूनियन ने 19 दिसंबर तक सभी मज़दूरों को वेतन देने का समय दिया था , लेकिन कंपनी ने जब वेतन नहीं दिया तो आज मज़दूरों ने काम बंद करके कंपनी कार्यालय का घेराव कर दिया। यूनियन ने अन्य मांगों बारे कम्पनी को मांगपत्र तैयार सौंपा है और कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग और ज़िला प्रशासन से मांगपत्र पर वार्ता करने की मांग की है।
सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी ने अन्य मांगों पर जनवरी के प्रथम सप्ताह में बैठक करने की सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कंपनी श्रम कानूनों का उलंघन है लेक़िन श्रम विभाग भी चुप बैठा हुआ है और कम्पनी के खि़लाफ़ अभी तक कोई कार्यवाई नहीं कि है।कंपनी ने मज़दूरों को सेफ़्टी किट व वस्त्र,जूते इत्यादि भी उपलब्ध नहीं करवाए हैं।मज़दूरों को निर्धारित न्यून्तम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है और ई पी एफ भी नियमानुसार जमा नहीं हो रहा है।कार्यस्थल पर फ़र्स्ट ऐड व एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा मजदूरों को राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से भी पंजीकृत नहीं किया गया है । जिसके कारण यहां दो दिन पहले एक मज़दूर की करंट लगने से हुई मौत का मुआवजा भी मज़दूर के परिवार को नहीं मिल पायेगा।इसके अलावा मज़दूरों की और भी कई समस्याएं हैं जिन्हें हल करने की भी मांग की है।
