शिमला: चन्द्रिका (TSN)-प्रदेश सरकार के बजट को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है.नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि सरकार में मंत्री रहे बड़े-बड़े नेताओं की माँगों और सुझावों को भी इस बजट में अनदेखा किया गया है । इसके अलावा सरकार ने इस बजट मे अपनी किसी भी गारंटियों को शामिल नहीं किया है.उन्होंने कहा कि बजट में उम्मीद थी कि सरकार अपनी गारंटियों पर भी विचार करेगी। पूर्व बजट में घोषित नौकरियों की बात करेगी लेकिन इनका ज़िक्र तक नहीं आया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में सड़कों के निर्माण और रख रखाव का भी ध्यान नहीं रखा गया। बजट ने में न दिशा है और न ही दूरदर्शिता। सरकार ने दस विजन की बात की है लेकिन उसके लिए बजट और प्लान का ज़िक्र तक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बजट सरकार की साख होती है ज़ुबानी जमाखर्च नहीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस समय प्रदेश में विकास के जो भी कार्य चल रहे हैं, वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के कारण ही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट की बात करें तो विकास के मुख्य निर्माण कार्य, निवेश एवं सहायता अनुदान (कैपिटल एसेट) के मदों के अन्तर्गत खर्च वित्तीय वर्ष 2022-23 के 5310 करोड़ से घटाकर 2023-24 में 4726 करोड़ कर दिया। इसी प्रकार निवेश में ख़र्च 423 से कम करके 228 करोड़ कर दिया। ग्रांट इन ऐड फॉर कैपिटल एसेट्स अन्तर्गत होने वाले व्यय 1376 करोड़ से कम करके 779 करोड़ ही रह गया है।
इसी प्रकार मैटेरियल सप्लाई में होने वाले खर्च को 466 करोड़ से कम करके 428 करोड़ और मशीनरी और इक्विपमेंट में मद में होने वाले 216 करोड़ के बजट को मात्र 90 करोड़ ही रह गये हैं। सुक्खू सरकार ने 2023-24 में 5506 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5507 करोड़ रुपए ही लोन रीपेमेंट के लिए रखे गये हैं। हमने 10640 करोड़ रुपए का बजट लोन रीपेमेंट लिए राख गया है।
एक्साइज पॉलिसी के नाम पर भी बोला झूठ
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने नई श*राब पॉलिसी लाई और 40 परसेंट के लाभ की बात की गई थी। सरकार के आँकड़ों से यह साफ़ हो गया है कि सरकार ने झूठ बोला और एक्साइज को लाभ के बजाय नुक़सान पहुंचाया। इस सरकार ने इस पॉलिसी के ज़रिए कुछ ठेकेदारों को ही लाभ पहुंचाया है। इस वित्तीय वर्ष में ठेकेदारों द्वारा श*राब की लिफ़्टिंग भी घटी है। सरकार किसी भी विभाग को सुचारू रूप से चलाने में नाकाम है।
