राहुल चावला, धर्मशाला: ईमानदारी के प्रतीक ऐतिहासिक धुम्मूशाह दाड़ी मेले का शुभारंभ रविवार को इंद्रूनाग की बहन भराड़ी माता मंदिर दाड़ी में पूजा-अर्चना व झंडा रस्म के साथ हुआ। इसके साथ ही दंगल का शुभारंभ भी कर दिया गया। मेले के आगाज में बतौर मुख्यातिथि धुम्मूशाह परिवार के वंशज विधि चंद ने शिरकत की। दाड़ी मेला कमेटी की प्रधान व एमसी धर्मशाला की पार्षद सविता कार्की व मुख्य आयोजनकर्ता अशोक वर्मा भी शुभारंभ मौके पर विशेष रूप से मौजूद रहे।
10 अप्रैल को बड़े दंगल में समापन मौके पर नगर निगम धर्मशाला के महापौर औंकार नैहरिया इस मेले के मुख्यातिथि रहेंगे। दाड़ी दंगल में बड़ी माली के विजेता पहलवान को 61 हज़ार व उप-विजेता को 51 हज़ार नकद पुरस्कार सहित अन्य इनाम नाम दिए जाएंगे, जबकि छोटी माली के विजेता को 41 हज़ार व उप-विजेता को 31 हज़ार रुपए बतौर इनाम प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही महिला कुश्ती में 11 हजार व सात हज़ार इनाम प्रदान किया जाएगा।
मेले में 12 अप्रैल को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिमसें एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहेंगी, जबकि विशिष्ठ अतिथि आईपीएस एएसपी मयंक चौधरी व विशेष अतिथि व्यापार मंडल दाड़ी के प्रधान हर्ष ओबरॉय शिरकत करेंगे। इसमें कुश्ती मैदान की स्टेज में हाईजैकर ग्रुप संग लोक कलाकारों की ओर से प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं इस बार दाड़ी मेले का आयोजन 8 से लेकर 15 अप्रैल तक किया जाएगा।
यह हैं मेले से जुड़ा इतिहास
दाड़ी मेले से जुड़ी कहानियों की अगर बात की जाए तो धुम्मूशाह व्यपारी ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए कुश्ती दंगल का आयोजन यहां किया था। व्यापारी को एक दूसरे व्यापारी के बेटे ने बहुत पहले के उद्धार पैसे वापिस किए थे। उन्हीं पैसों से व्यापारी ने समाज हित के कार्य करते हुए मेले का आगाज़ किया था। तब से ही मेले का आयोजन किया जाता है।
