अरविंदर सिंह, हमीरपुर: प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के सत्ता में आने के बाद कई अहम फ़ैसले सरकार की ओर से लिए गए हैं। इसी बीच एक बड़ा और अहम फैसला भी प्रदेश सरकार ने लिया हैं जिसमें प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही हैं। इतना ही नहीं सरकार इलेक्ट्रिक पॉलिसी को भी अपनाने जा रही हैं। इसके पीछे की वजह बढ़ता हुआ प्रदूषण और तेल कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को कम करना हैं।
प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल हो इसके लिए तैयारियां भी प्रदेश सरकार की ओर से शुरू कर दी गई हैं। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए इनके चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम करना भी सरकार ने शुरू कर दिया हैं। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पहला चार्जिंग स्टेशन भी हमीरपुर एचआरटीसी वर्कशॉप में तैयार किया जा रहा हैं।
इस चार्जिंग स्टेशन पर करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि चार्जिंग स्टेशन पर लगने वाले इलेक्ट्रिक कंपोनेंट को लेकर बजट अलग से दिया जाएगा। हमीरपुर जिला में यह पहला बसों को चार्ज करने वाला इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन होगा। पहले फेज में इस चार्जिंग स्टेशन के बन जाने से 1 दिन में करीब 50 इलेक्ट्रिक बसों को आसानी से चार्ज किया जा सकेगा। इसके बाद जरूरत के हिसाब से इस स्टेशन की कैपेसिटी भी बढ़ाई जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से इलेक्ट्रिकल वाहनों की इस्तेमाल पर जोर देने के बाद हमीरपुर में एचआरटीसी लोकल रूटों पर भी इलेक्ट्रिकल बसें चलाने की योजना तैयार कर रही हैं, ताकि डीजल के खर्च को बचाया जा सके। हमीरपुर जिला में इस समय 110 लोकल रूट है इन सभी को इलेक्ट्रिक बस सुविधा के साथ जोड़ने की योजना अमलीजामा आने वाले समय में पहनाया जाएगा। अभी तक हमीरपुर डिपू के पास कोई भी इलेक्ट्रिक बस नहीं पहुंची हैं, लेकिन जल्द ही ऐसी बसें इसे भी मिलने वाली है जिसे लेकर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम अब शुरू हो गया हैं।
एचआरटीसी डीडीएम विवेक लखन पाल ने बताया कि हमीरपुर वर्कशॉप में करीब डेढ़ करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू हो गया हैं। इसमें इलेक्ट्रिक कंपोनेंट चार्जिंग से जुड़े लगाने के लिए अलग से बजट मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस स्टेशन के बन जाने से 1 दिन में करीब 50 बसों को चार्ज करने की सुविधा मिल पाएगी। उन्हें बताया कि लोकल रूटों पर भी इलेक्ट्रिक बसें भविष्य में चलेंगी जिसके लिए ऐसे इलेक्ट्रिक स्टेशनों की खास जरूरत रहेगी। उन्होंने बताया कि 4 दिन स्टेशन में एक समय में दो बसों को चार्ज करने की व्यवस्था की गई है और अगर क्षमता बढ़ती हैं तो इसमें बढ़ोतरी भी की जा सकती हैं।
