संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी आयोग हमीरपुर को भंग कर दिया गया हैं। आयोग के भंग होने से हिमाचल प्रदेश में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA-IT) पोस्टकोड 817 भर्ती मामला अधर में अटक गया हैं। 4300 युवाओं ने JOA-IT की परीक्षा पास की हैं। अब नौकरी के इंतजार में 2 साल से धक्के खा रहे हैं, लेकिन उनको अभी तक नियुक्ति नहीं मिली हैं। पेपर लीक मामले में हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया हैं जिसके बाद 4300 अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया हैं।
अपने भविष्य के प्रति चिंतित यह अभ्यर्थी मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिले और अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA-IT) ने जल्द नियुक्त देने की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई हैं। उन्होंने JOA-IT परीक्षार्थियों ने पोस्ट कोड 817 की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग उठाई हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में भारी धांधली हुई है और पेपर लीक हुए हैं। JOA आईटी पोस्टकोड 817 का पेपर भी लीक हुआ हैं। ऐसे में मामले की जांच चल रही हैं। उन्होंने कहा की मामले में कानूनी सलाह के बाद फैसला लिया जाएगा,लेकिन 73 अभ्यर्थी पेपर लीक मामले में संलिप्त पाए गए हैं।
JOA-IT में 1868 पद भरे जाने थे। पोस्ट कोड 817 JOA-IT की भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हो गई थी। यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इससे JOA-IT परीक्षा देने वाले बेरोजगार मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।अगस्त 2021 में यह भर्ती कोर्ट कचहरी में चल रही है। मामला अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
