शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में समय है और पार्टी नेतृत्व, राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे ,उम्मीदवार का चयन करेंगे। प्रदेश इकाई हाईकमान के निर्णय के अनुरूप मतदान कर प्रत्याशी को राज्यसभा भेजेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषय पर पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेशहित के मुद्दों पर विपक्ष का रुख सकारात्मक नहीं रहा है। सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के समक्ष भाजपा नेताओं ने आरडीजी (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) की मांग उठाई, लेकिन जब विधानसभा में हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा की बात आई तो विपक्ष ने व्यवधान पैदा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह के व्यवहार से प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी कैसे संभव है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और समझ रही है कि प्रदेश के हितों के लिए कौन गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार हिमाचल के वित्तीय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में हुई छापेमारी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं वहां ठहरे हुए थे और हिमाचल भवन प्रदेश के लोगों के लिए है, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुकिंग की जाती है। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के उस आरोप को खारिज किया कि सीएम कार्यालय से विशेष रूप से बुकिंग की जाती है। सुक्खू ने कहा कि बुकिंग निर्धारित नियमों के अनुसार ही होती है और यदि किसी प्रकार की कार्रवाई करनी थी तो संबंधित अधिकारियों को पूर्व सूचना दी जानी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भी आपत्ति जताई और कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
