संजीव महाजन,नूरपूर: हिमाचल की पौंग झील में प्रवासी विदेशी पक्षियों का आना लगातार जारी हैं। प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा 75 तक पहुंच चुका है। पौंग झील के किनारे खाली जमीन पर अवैध खेती रूकने से अब प्रवासी पक्षी खुली हवा में सांस ले रहे हैं ओर खाली जमीन पर प्रवासी पक्षी आजादी से अठखेलियां कर रहे हैं। खेती न होने के कारण प्रवासी पक्षी भी आजाद हैं ओर इन प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए आने वाले पर्यटक भी आराम से प्रवासी पक्षियों की अठखेलियों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
प्रवासी पक्षियों की कभी पानी के बीच, तो कभी बाहर जमीन पर अठखेलियां काफी रोचक लग रही हैं। पौंग झील किनारे खेती न होने के कारण इस बार पहली बार प्रवासी पक्षी खुद को आजाद व सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की चहचहाट व मस्ती से ही इनकी आजादी का पता चल रहा है। इससे पहले पौंग झील किनारे की गई खेती को बचाने के लिए साधन संपन्न लोग खेतों में दवाई डालकर इनका शिकार कर लेते थे। यानी खेती की आड़ में प्रवासी पक्षियों को मारा जा रहा था। फसलों को बचाने के लिए लगाए गए काकभगोड़े देखकर प्रवासी पक्षी डर जाते थे। यही वजह है कि इस बार पौंग झील के आसपास की जमीन पर खेती करने पर प्रतिबंध वन्य प्राणी विभाग की ओर से लगाया गया हैं।
वहीं बुद्धिजीवियों ने वन्य प्राणी विभाग की कार्रवाई से संतुष्टि जताई है। अभी तक झील में 75 हजार प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। पक्षी प्रेमियों का कहना हैं कि किसी भी सूरत में झील किनारे खेती न करने दी जाए। वहीं वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि पौंग झील किनारे किसी को भी खेती नहीं करने दी जाएगी। इससे पौंग झील की खाली जमीन पर प्रवासी पक्षी आजादी से घूम रहे हैं ओर उन पक्षियों को खाने के लिए पर्याप्त भोजन मिल रहा है।
