मंजूर पठान,चंबा: भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं जिसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। यही कारण है कि चंबा जिला का एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल बालू मरीजों की पहली पसंद बन रहा हैं। चंबा जिला के दूरदराज के इलाकों के लोग अपनाआयुर्वेदिक इलाज करवाने के लिए यहां पहुंचते हैं जिसका उन्हें भरपूर लाभ मिल पा रहा हैं।
बता दें कि इस अस्पताल में अलग-अलग विभागों के बेहतरीन डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों को दवाइयों की आदत कम करना और योगा सहित अन्य तरीकों से भी मरीजों को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा हैं। इसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं, हालांकि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी तरह की ओपीडी इस अस्पताल में चलाई जा रही हैं। हर रोज सैकड़ो की संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल बालू का रुख कर रहे हैं। पहले इस अस्पताल में जिला मुख्यालय की लोग ही आते थे लेकिन यहां के बेहतरीन डॉक्टर की टीम के चलते अब दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से भी लोग अपना इलाज करवाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। उन्हें बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
वहीं दूसरी और आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी डाक्टर योगेश जरियाल का कहना है की हमारे यहां हर रोज सैकड़ो की संख्या में लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। हमारा प्रयास है कि लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से कम से कम दवाइयों का सेवन करवा कर उन्हें ठीक किया जाए। यही कारण है कि अब इस अस्पताल में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और हमारा भी यही दायित्व है कि हम लोगों को जल्द से जल्द ठीक करें। हमारे पास इस अस्पताल में बेहतरीन से बेहतरीन डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कुलविंदर संधू का कहना है कि हमारे यहां पर हर रोज काफी संख्या में बच्चे आते हैं। हम उन्हें आयुर्वेदिक इलाज के माध्यम से ठीक करते हैं। यहां काफी दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। पहले लोग जिला मुख्यालय से ही आयुर्वेदिक अस्पताल का लाभ उठाते थे लेकिन अब चंबा जिला के तमाम ग्रामीण इलाकों से अधिक संख्या में लोग आयुर्वेदिक इलाज करवाने के लिए लोग अस्पताल पहुंच रहे है ताकि लोग आयुर्वेदा के जरिए कम दवाइयों में ठीक हो सके।
