शिमला : कमल भारद्वाज – सोमवार को विभिन्न पोस्ट कोड के अभ्यार्थी सचिवालय के बाहर पहुंचे और मुख्यमंत्री से जल्द फैसला लेने की मांग करते नज़र आए । इसमें वेटरनरी फार्मासिस्ट पोस्टकोड 925, सचिवालय क्लर्क पोस्ट कोड 962, ड्राइंग मास्टर पोस्टकोड 980, लाइनमैन पोस्टकोड 971. मार्केट सुपरवाइजर पोस्टकोड 977 की महीनों से नियुक्ति प्रक्रिया लटकी पड़ी है । तमाम पोस्टकोड के अभ्यर्थी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कई बार मिलने पहुंचे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ़ आश्वासन से संतोष करना पड़ा है ।
पोस्टकोड 925 वेटरनरी फार्मासिस्ट के अभियार्थी परीक्षा अक्टूबर साल 2022 में दे चुके थी, जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू हुई । अब 7 महीने होने को आए हैं, लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है । उन्होंने बताया कि उनकी यह परीक्षा किसी भी जांच के दायरे से बाहर है । इसके बावजूद अभी तक प्रक्रिया अमल में नहीं नहीं लाई गई है । उन्होंने बताया कि वह इससे पहले भी इस मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हमीरपुर में मिल चुके हैं, जहां उन्हें जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई ।ऐसे में सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे हैं, जहां वे मुख्यमंत्री से इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी करने की मांग करेंगे । कुछ ऐसा ही हाल पोस्टकोड 980 ड्राइंग मास्टर अभ्यर्थियों का भी है इनकी भर्ती प्रक्रिया भी विजिलेंस और जांच से बाहर होने के बावजूद अब तक लटकी पड़ी है । अभ्यर्थियों का कहना है कि ज़्यादातर अभ्यर्थियों की उम्र 35 वर्ष के ऊपर हो चुकी है, लेकिन सरकार की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का नाम नहीं दे रही है ।
उधर सचिवालय क्लर्क पोस्टकोड 962 आज मुख्यमंत्री से उनकी भर्ती प्रक्रिया पर फैसला लिए बगैर सचिवालय से न जाने की बात कह चुके हैं । सचिवालय क्लर्क अभ्यर्थियों का कहना है कि विजिलेंस की जांच के चलते उनकी भर्ती प्रक्रिया अटकी पड़ी है । जबकि अब तक पेपर लीक मामले में केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई हुई, लेकिन वह भी बेल पर बाहर है । ऐसे में इसका दंश केवल अभ्यर्थियों को झेलना पड़ रहा है ।
