राकेश,ऊना: परियोजना के तहत ऊना में डीएईएसआई प्रोग्राम के छठे बैच का शुभारंभ ऊना के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने मंगलवार को किया। इस दौरान निदेशक राज्य कृषि प्रंबधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान समिति शिमला से डाॅ. नवनीत सूद सहित अन्य उपस्थित रहे।
आत्मा योजना किसानों की बेहतरी के लिए बनाई गई हैं। जो किसान आधुनिक खेती से परिचित नहीं हैं उन्हें डीएईएसआई कार्यक्रम के माध्यम से आधुनिक खेती से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्रदान की जाती हैं। वे खेती कैसे करें ताकि किसान आधुनिक तकनीक से खेतीबाड़ी करके लाभांवित हो सके। आधुनिक तकनीक से खेती करने से किसानों की आर्थिकी में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी व गुणवत्ता युक्त फसल की पैदावार के लिए आधुनिक तकनीक से जुड़ना आवश्यक है जिसके लिए आत्मा योजना काफी मददगार सिद्ध हो रही हैं। किसानों को फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए आत्मा परियोजना के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है जिससे किसानों का वैज्ञानिक तरीके से खेतीबाड़ी करने के बारे में जानकारी मिलती हैं। किसानों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि वे समय-समय पर अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण करवाएं ताकि गुणवत्तायुक्त फसलों का उत्पादन हो सके।
वहीं डीईएसआई कार्यक्रम के तहत इनपुट डीलरों को कृषि, बागवानी व पशुपालन के बारे ओर इनमें प्रयोग होने वाली उच्च तकनीकों से भी अवगत करवाया जाता हैं। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से इनपुट डीलर प्रशिक्षण प्राप्त कर किसानों व बागवानों को कृषि में प्रयोग होने वाली तकनीकों का बेहतर मार्गदर्शन कर सकेंगे जिससे किसानों की फसल की पैदावार में बढ़ोतरी व गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
डीएईएसआई कार्यक्रम 48 सप्ताह की अवधि में पूर्ण होगा जिसमें 40 कक्षाएं ओर 8 विभिन्न संस्थानों ओर किसानों के खेतों के भ्रमण हेतू फील्ड विजिट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फील्ड विजिट आयोजित करने का उद्देश्य इनपुट डीलरों को विशिष्ट क्षेत्र की समस्याओं से परिचित करवाना और उन्हें प्रासंगिक तकनीकों से अवगत करवाना हैं। उन्होंने बताया कि डीएईएसआई प्रोग्राम में पंजीकरण करवाने के लिए इनपुट डीलर को 20 हज़ार रूपये फीस जमा करवाना पड़ती हैं म उन्होंने बताया कि सरकार की आरे से 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त लाईसेंस धारकों को 10 हज़ार और बिना लाईसेंस धारक को 20 हज़ार फीस जमा करवानी पड़ती हैं।
