बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – दिल्ली से आए स्पोर्ट्स एक्सपर्ट्स ने युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के अधिकारियों के साथ हॉकी मैदान का जायजा लिया। मैदान की लंबाई और चौड़ाई की नाप नपाई की गई। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग बिलासपुर की ओर से एक प्रस्ताव केंद्र की स्वीकृति के लिए प्रेषित किया गया है। पिछले दिनों केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के ध्यान में भी इस मसले को लाया गया। इसके चलते अब दिल्ली से आए तीन एक्सपर्ट ने बिलासपुर के एक्सक्लूसिव हॉकी मैदान में एस्ट्रोटर्फ बिछाए जाने की योजना को साकार करने की दिशा में संभावनाएं देखी।
दिल्ली से आए तीन एक्सपर्ट ने खेल मैदान की जांच की
खेल विभाग के जिला अधिकारी रवि शंकर सहित अन्य अधिकारी भी एक्सपर्ट टीम के साथ रहे और टीम को ग्राउंड के बारे में पूरा फीडबैक दिया।बता दें कि अभी तक प्रदेश में केवल ऊना में ही खेल विभाग का अपना एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड है, जबकि सिरमौर जिला के माजरा में दूसरा एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड तैयार करने की प्रक्रिया चली है। इसके बाद बिलासपुर में तीसरा एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार होगा। हालांकि शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्र शिलारू में भी एक एस्ट्रोटर्फ मैदान है लेकिन वह साई का ग्राउंड है। बिलासपुर में हॉकी का एक्सक्लूसिव ग्राउंड है जिस पर न केवल खिलाड़ी प्रेक्टिस करते हैं बल्कि समय समय पर राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती रही हैं। यदि एस्ट्रोटर्फ मैदान बन जाता है तो यहां पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा सकेगा। साथ ही एस्ट्रोटर्फ मैदान में खिलाडिय़ों को हॉकी खेल की बारीकियां सीखने की सहूलियत भी उपलब्ध होगी। हॉकी ग्राउंड पर एस्ट्रोटर्फ बिछाने को लेकर पूर्व में वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर की ओर से भी प्रयास किए गए थे और एक प्रस्ताव खेल विभाग की तरफ से स्वीकृति के लिए आगे भेजा गया था, लेकिन किसी कारणवश यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग बिलासपुर के जिला खेल अधिकारी रविशंकर ने बताया कि बिलासपुर के लुहणू में विभाग का अपना एक्सक्लूसिव हॉकी खेल मैदान उपलब्ध है जहां एस्ट्रोटर्फ बिछाने की योजना है। बुधवार को दिल्ली से आए तीन एक्सपर्ट ने खेल मैदान की जांच परख की और एस्ट्रोटर्फ बिछाने के लिए मैदान की लंबाई व चौड़ाई के अलावा अन्य सुविधाओं पर गहन चर्चा की है।
एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान तैयार करने के लिए दो ऑप्शन दिए
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि दिल्ली से आए स्पोर्ट्स एक्सपर्ट टीम ने खेल विभाग के अधिकारियों को एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान तैयार करने के लिए दो ऑप्शन दिए हैं। प्रारंभिक सर्वे में टीम ने जांच परख के दौरान पाया है कि सिंथेटिक ट्रैक तैयार होने के बाद हॉकी मैदान की दस मीटर तक चौड़ाई कम हुई है। जबकि मैदान किनारे बना पैवेलियन भी एस्ट्रोटर्फ मैदान विकसित करने की राह में बाधा है। इसलिए कबडडी मैदान की तरफ एस्ट्रोटर्फ विकसित करने की ऑप्शन रखी गई। बताया जा रहा है कि कबडडी मैदान की तरफ यदि एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार करना है तो पैवेलियन हटाना पड़ सकता है, जबकि यदि वर्तमान मैदान में एस्ट्रोटर्फ बिछाने का कार्य करना है तो रूल्ज के मुताबिक मैदान तैयार करने में अड़चनें रहेंगी।
